कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूआईईटी एवं पंचनद शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में एक गोष्ठी एवं हरियाणा प्रांत बैठक का आयोजन किया गया। यूआईईटी में आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता पंचनद शोध संस्थान संस्थान के निदेशक डॉ. कृष्ण चंद्र पांडे ने की। इस अवसर पर संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. ऋषि गोयल और दिल्ली अध्ययन केंद्र के समन्वयक संजय मित्तल ने अपनी प्रस्तुति दी।
उपाध्यक्ष डॉ. ऋषि गोयल ने कहा कि हमारा राष्ट्र एक भौतिक ढांचा नहीं, बल्कि सनातन भावना है, जिसको ऋषियों ने अपने ओज और तप से स्थापित किया है। कई बार यह भावना कुंद हो जाती है, शिथिल हो जाती है। उस भावना को पुन: जागृत करने के लिए इस तरह की बौद्धिक चर्चाएं समाज में अति आवश्यक है। समाज में भारत की मूल संस्कृति परंपराओं व इतिहास के बारे में समाज में संवाद स्थापित करना वह जागृति लाना समय की आवश्यकता है।
इस दौरान डॉ. कृष्ण चंद्र पांडे ने कहा कि पंचनद शोध संस्थान का मुख्य उद्देश्य किसी वर्तमान शीर्षक पर बात करना, विचार-विमर्श करना, संवाद करना और उसको जनता को समर्पित करना है। उन्होंने कहा कि पहला आयाम -बौद्धिक विभाग, जिसमें बौद्धिक जगत से विचार-विमर्श करके जो निष्कर्ष निकलता है उसे लोगों तक पहुंचाया जाता है। दूसरा आयाम -शोध विभाग स्थानीय स्तर से लेकर, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न समसामयिक विषयों पर शोध किए जाते हैं। तीसरा आयाम -प्रशिक्षण विभाग, नए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना। चौथा आयाम- प्रचार एवं प्रकाशन विभाग। कार्यक्रम में करनाल, हिसार, कैथल, सिरसा, फतेहाबाद, यमुनानगर, सोनीपत, रोहतक, कुरुक्षेत्र, झज्जर एवं महेंद्रगढ़ से 50 से अधिक प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. अजय जांगड़ा, सीडीएलयू सिरसा से डॉ. डीपी वार्ने, प्रो. सीडीएस कौशल, डॉ. मधु दीप, यूआईईटी के निदेशक प्रो. सीसी त्रिपाठी, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अनिल वशिष्ठ, परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह रंगा, प्रो. दिनेश राणा, नेशनल नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. अमित कंबोज, प्रो. वजीर नेहरा, आयोजक समिति के सदस्य राजेश शर्मा, कंवर दीप, डॉ. जयकिशन भारद्वाज, हिमांशु, पवन व नम्रता सहित अन्य उपस्थित रहे।