संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। ऑर्गेनाइजेशन फॉर सोशल एंड कल्चरल अवेयरनेस (ओस्का) व आंबेडकर फाउंडेशन की ओर से डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय होटल में किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. राजेश गोयल सचिव बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन हरियाणा ने कहा कि बाबा साहब आंबेडकर ने संपूर्ण भारत वर्ष में भारतीय संविधान के माध्यम से समानता स्थापित की। बाबा साहेब अपने समय के सबसे ज्यादा पढ़े लिखे व्यक्ति थे। उन्होंने हमेशा यहीं कहा कि शिक्षा सभी तालों की चाबी है।
ओस्का के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजपाल सिंह ने कहा कि बाबा साहेब एक ऐसे शक्तिपुंज हैं, जिनसे ज्ञान रूपी किरणें सबका मार्गदर्शन करती हैं। विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. अमित कंसल ने कहा कि बाबा साहेब कहते थे कि शिक्षा सभी समस्याओं का हल है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित डॉ. आंबेडकर अध्ययन केंद्र के सहायक निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि जब तक बाबा साहेब को प़ढा नहीं जाएगा, तब तक उनको समझा नहीं जा सकता।
डीपीआरओ पानीपत कुलदीप बांगड़ ने कहा कि हम सब बाबा साहेब के ऋणी हैं। पटियाला यूनिवर्सिटी से डॉ. जगमोहन शर्मा ने कहा कि बाबा साहेब ने ऊंच नीच का भेदभाव मिटाया, सबको समान अधिकार दिया। वे सच्चे मानव हितेषी हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय करनाल के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मपाल ने कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और देश की समस्याओं का समाधान किया महिलाओं को शिक्षा का अधिकार प्रदान किया।कलाकार दिनेश की टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। इस अवसर पर डॉ. प्रवेश, राजपाल, डॉ.चंद्रपाल पूनिया, डॉ. राकेश, डॉ. कुलदीप, डॉ. अशोक कुमार, राहुल, डॉ. शाम, अशोक रंगा, कृष्णा, अनिल यादव, राजिंदर मीरवाल, रेखा, पूनम राणा, रेखा वर्मा आदि उपस्थित रहीं।