सेक्टर-4 की करीब दो हजार की आबादी 13 सालों से सीवर की समस्या से जूझ रही है। स्थिति यह है कि सीवर ठप होने से गंदा पानी घरों के सामने जमा है, लेकिन कोई सुध लेने को तैयार नहीं है। क्षेत्रवासियों ने अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाई, लेकिन थक हारकर अब किस्मत को कोस रहे हैं।
सेक्टरवासियों का कहना है कि घरों के आगे गंदा पानी जमा होने से उनका जीना मुहाल हो गया है। उन्होंने बताया कि सीवरेज लाइन का यदि सेक्टर-8 की लाइन में कनेक्शन कर दिया जाए तो समस्या का हल हो सकता है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जब भी वे एचएसवीपी अधिकारियों के सामने समस्या रखने के लिए जाते हैं तो उन्हें आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। जब कभी सेक्टर के सीवर ज्यादा ओवरफ्लो होने लगते हैं तो ऐसे में एचएसवीपी के कर्मचारी पंप से सीवर के गंदे पानी को घरों के आसपास खाली पड़े प्लाट व सड़कों पर छोड़ देते हैं। कई दिनों तक खाली प्लाटों में जमा ये पानी सड़ जाता है। फिर इतनी ज्यादा दुर्गंध उठती है की घरों में रहना भी मुश्किल हो जाता है। यह समस्या दिन-प्रतिदिन और ज्यादा विकराल रूप लेती जा रही है।
सेक्टर चार के पूर्व प्रधान रामपाल डाबर ने कहा कि सेक्टर 2008 में बना था। तब से लेकर आज तक इसमें सीवरेज के पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया। सेक्टर चार की लाइन को सेक्टर आठ की लाइन से जोड़ देने से लोगों को इस समस्या से निजात मिल सकती है, लेकिन एचएसवीपी द्वारा अभी तक इस सेक्टर चार की लाइन को सेक्टर आठ की सीवर लाइन से नहीं जोड़ा गया।
नसीब टाया ने कहा कि सेक्टर में रहते हुए जिंदगी नरक जैसी हो गई है। सेक्टर वासी सारा दिन सीवरेज के गंदे पानी से घिरे रहते हैं। ऐसे में मक्खियां इस गंदे पानी पर बैठकर घरों में आती हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा भी हमेशा बना रहता है।
चंदन टाया ने कहा कि पहले ही उनके घरों के आसपास गंदा पानी उनके लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं बारिश हो जाने पर स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। बारिश के दौरान सीवरेज का पानी सड़कों पर आ जाता है, जिससे सीवरेज की सारी गंदगी सड़क पर ठहर जाती है और फिर बारिश खत्म होने के बाद इसमें से और ज्यादा दुर्गंध उठती है।
सेक्टरवासी प्रो. बलबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च कर सेक्टर में मकान बनाया था ताकि वे आराम से अपना जीवन व्यतीत कर सकें, लेकिन एचएसवीपी के अधिकारियों की अनदेखी के कारण उनका करोड़ों रुपये के मकान में जीना मुहाल हो चुका है। घर में बैठे हुए भी उन्हें दुर्गंध से बचने के लिए मुंह ढकना पड़ता है।
धर्म सिंह ने कहा कि वे कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। सेक्टर में उन्हें सुविधाओं की जगह विपदाएं मिल रही हैं। ऐसे में उन्हें सेक्टर में घर बनाने पर पछतावा हो रहा है।
सेक्टर चार वासी रतन सिंह ने कहा कि तीन वर्ष पूर्व जब वे विधायक सुभाष सुधा के पास अपनी समस्या को लेकर पहुंचे थे तो उस समय विधायक ने एचएसवीपी के एसडीओ को फोन किया था। तब मौके पर पहुंच एसडीओ ने कहा था कि यह लाइन गलत बिछी हुई है। यह पूरी लाइन बदली जाएगी।
हरियाणा शहर विकास प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता इशम सिंह ने कहा कि सेक्टरों में सीवर लाइन ठीक है। कभी कभार जब सीवर अट जाते हैं तो पंप की मदद से उन्हें खाली किया जाता है। यदि किसी जगह सीवरेज से संबंधित समस्या है तो वे मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और समस्या का समाधान किया जाएगा।