हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
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हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी में महासचिव पद के लिए शुरू हुई रार थमने का नाम नहीं ले रही है। जहां कमेटी की ओर से लगातार मोहन जीत सिंह को महासचिव करार दिया जा चुका है तो वहीं गुरविंद्र सिंह धमीजा ने भी दावा किया है कि वे आज भी महासचिव ही है। वीरवार को कमेटी की यह रार उस समय और गहरा गई जब श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी महाराज के प्रकाश उत्सव समागम मनाए जाने पर दोनों ओर से बयान जारी कर दिए गए। हालांकि दोनों ओर से प्रकाश उत्सव को धूमधाम से मनाने और इसके संबंध में आयोजित कार्यक्रमों का जिक्र किया गया लेकिन महासचिव पद पर दोनों पक्षों का अपना-अपना दावा रहा।
मोहन जीत सिंह को ही महासचिव ठहराया जा रहा
प्रबंधन कमेटी की ओर से जारी बयान में प्रकाश उत्सव के संबंध में दी जानकारी में मोहन जीत सिंह को महासचिव बताया गया तो वहीं गुरविंद्र सिंह धमीजा ने भी इसी प्रकाश उत्सव के संबंध में महासचिव के तौर पर बयान जारी किया। बता दें कि पिछले दिनों ही महासचिव पद से गुरविंद्र सिंह धमीजा को हटाए जाने व उनकी जगह मोहन जीत को दिए जाने का दावा किया गया था। इसके बाद कमेटी की ओर से जारी सूचनाओं में मोहन जीत सिंह को ही महासचिव ठहराया जा रहा है।
मोहन जीत सिंह को दे दी गई महासचिव की शक्तियां : प्रधान
कमेटी के प्रधान महंत करमजीत सिंह से जब बातचीत की तो उन्होंने कहा कि गुरविंद्र सिंह धमीजा महासचिव रहे हैं, लेकिन उनकी सभी शक्तियां पिछले दिनों मोहन जीत सिंह पानीपत को दे दी गई। अब बतौर महासचिव काम कर रहे हैं लेकिन गुरविंद्र सिंह धमीजा सदस्य जरूर है।
मैं आज भी महासचिव : धमीजा
गुरविंद्र सिंह धमीजा का दावा है कि जब तक जनरल हाउस उन्हें विदा नहीं करता या फिर वे खुद ये पद नहीं छोड़ देते, तब तक महासचिव है। उन्हें गुरुघरों की सेवा की जो जिम्मेदारी मिली है, उसे वे बखूबी निभा रहे हैं। वहीं उन्होंने जारी बयान में यह भी कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के सभी सदस्य और पदाधिकारी एकजुट हैं और उनमें कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने बताया कि चार जून के नगर कीर्तन और पांच जून के प्रकाश उत्सव के मुख्य समागम में सभी सदस्य एवं पदाधिकारी शिरकत करेंगे और -अपनी ड्यूटी संभालेंगे।