संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सेक्टर-तीन स्थित शिव मंदिर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हो गया। भागवत कथा में चार वेद, पुराण, गीता एवं श्रीमद्भगवद् महापुराण की व्याख्या सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में डूब गए।
कथावाचक रमेश पाराशर ने भगवान श्री कृष्णजी के वात्सल्य प्रेम, असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा किए गए विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन रास लीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंस वध, कुब्जा उद्धार, रुक्मणी विवाह, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्ति रस में डुबो दिया।
इस दौरान भजन गायन ने उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया। कथावाचक पराशर ने सुंदर समाज निर्माण के लिए गीता से कई उपदेश के माध्यम अपने को उस अनुरूप आचरण करने कहा जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है। कहा कि समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होता है, इतिहास इसका साक्षी है। लोगों ने रातभर इस संगीतमय भागवत कथा का आनंद उठाया।
प्रवचन के बाद कमेटी ने उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। वहीं भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर धीरज मलिक, श्रेष्ठा मलिक, संजय त्यागी, मीनू त्यागी, श्रवण शर्मा, सुरेश कुमार, विजय जैन, अजेश गोयल, मलकीत सैनी, उमा शर्मा, मुकेश सैनी, मंजू मक्कड़, महावीर शर्मा, कंवल गर्ग, वीके गुप्ता, मदन धीमान, अनिल सखूजा, राजेंद्र वर्मा, दर्शन धीमान, पूजा रानी, मातृ मंडल की प्रधान गुलशन, देवांशी, घृति, गुलशन, सूदन, उर्मिला शर्मा, उर्मिला वर्मा, रीटा गांधी आजि मौजूद रहीं।