कुरुक्षेत्र। बीती रात्रि हुई बारिश ने एक बार फिर से किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। हालांकि यह बारिश सब्जियों की फसलों के लिए लाभदायक बताई जा रही है तो वहीं आलू किसानों के चेहरों पर मायूसी नजर आई। जिले में औसतन 8 एमएम बारिश दर्ज की गई।
बीती रात हुई बारिश गेहूं और सरसों की फसल के साथ-साथ घीया, तोरी, टमाटर की अन्य फसलों के लिए भी वरदान साबित होगी। इस बारिश से जहां सब्जी की फसलों की पैदावार अच्छी होगी वहीं, गेहूं की फसल भी अच्छी ग्रोथ करेगी लेकिन हवा चलने से फसलों को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। उधर, बाबैन क्षेत्र में हुई जोरदार वर्षा से किसानों की आलू व प्याज की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार थानेसर में 15 एमएम, पिहोवा में 10 एमएम, शाहाबाद में सात एमएम, इस्माईलाबाद, बाबैन और लाडवा क्षेत्र में पांच-पांच एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश ने अनाज मंडियों में आलू की फसल लेकर पहुंचे किसानों और व्यापारियों की मुश्किलें पैदा हो गईं है। बताया जा रहा है कि बाबैन मंडी में कोल्ड स्टोर में स्टाक करने के लिए खरीदे गए आलू के तीन हजार कट्टे भी बारिश की भेंट चढ़ गए। अब व्यापारियों को खरीदे गए आलू के खराब होने की चिंता सता रही है। अचानक हुई बारिश से बाबैन मंडी में सफाई न होने के कारण पड़ी मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो गई है। इसकी वजह से किसानों व आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोल्ड स्टोर में नहीं रखा जाएगा आलू, मंडी में बेचना पड़ेगा : राजू
व्यापारी राजू प्रजापति ने कहा कि बाबैन मंडी में व्यापारियों द्वारा कोल्ड स्टोर में स्टॉक करने के लिए खरीदे गए आलू के तीन हजार कट्टे बारिश में भीग गए हैं। अब यह आलू कोल्ड स्टोर में स्टॉक करने के काबिल नहीं बचा है। जिस वजह से व्यापारियों को लाखों रुपयों का नुकसान उठाना पड़ेगा। अब यह आलू कोल्ड स्टोर में स्टाक न करके मंडी में बेचना पड़ेगा।
फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी बारिश : डॉ. प्रदीप
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रदीप मील का कहना है कि गत रात हुई बारिश गेहूं और सरसों सहित अन्य फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। किसान अभी गेहूं की फसल की सिंचाई न करें क्योंकि तेज हवा चलने के कारण फसल को नुकसान हो सकता है।
सब्जी की फसलों के लिए वरदान साबित होगी बारिश : डॉ. सीबी सिंह
कृषि विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि यह बारिश घीया, तोरी, टमाटर सहित सब्जी की अन्य फसलों के लिए वरदान साबित होगी। बारिश सभी फसलों में एक खुराक की तरह लगेगी, लेकिन किसान यह ध्यान रखें कि घीया, करेला और तोरी जैसी बेल की फसलों में पानी न भरने पाए।