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क्रॉप मैपिंग का सर्वे 30 एकड़ वाले किसानों के लिए बना सिरदर्द, नहीं बिक रही फसल

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क्रॉप मैपिंग का सर्वे 30 और उससे ज्यादा एकड़ वाले किसानों के लिए सिरदर्द बन गया। उनको अपनी धान की फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। मार्केट कमेटी कार्यालय से लेकर डीसी तक को किसान शिकायत सौंप रहे हैं, मगर उनकी फसल बिकना तो दूर गेटपास भी नहीं कट रहे हैं। यहां तक कि अब 15-20 एकड़ वाले किसान की फसल न बिकने की शिकायत कर रहे हैं।
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बता दें मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद सरकारी आदेशानुसार कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से क्रॉप मैपिंग के जरिए सर्वे किया गया था। इस सर्वे का मकसद किसानों की ओर से पोर्टल पर किए गए रजिस्ट्रेशन की वेरिफिकेशन करना था। इस सर्वे में जिले की कुल 3 लाख 49 हजार 260 एकड़ कृषि योग्य भूमि में से 3 लाख 11 हजार 720 एकड़ भूमि की क्रॉप मैपिंग की गई थी।
इसमें कुल 47960 किसानों को रजिस्टर किया गया था। इसमें 30 या इससे ज्यादा एकड़ का सर्वे तहसीलदार और एसडीएम द्वारा किया जाना था। इसमें किसानों की ओर से वेरिफिकेशन के लिए डीसी को आवेदन करना था, लेकिन अब ये किसान आरोप लगा रहे है कि प्रशासन की ओर से वेरिफिकेशन के लिए उन्हें जागरूक नहीं किया गया। लिहाजा, उनको फसल बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद भी उनकी फसल का डाटा गेट पास पर शो नहीं हो रहा है और उनकी धान नहीं बिक रही है। गांव प्रतापगढ़ के किसान अरविंद ने बताया कि उनके पास करीब 100 एकड़ जमीन है। इसमें उन्होंने 47 एकड़ में धान की मोटी किस्म तथा 5-7 एकड़ में बासमती लगाई थी। उनकी फसल 3 अक्तूबर से मंडी में बिकने के लिए पड़ी है, मगर उनका गेट पास में उनका डाटा शो नहीं हो रहा है। इस मामले को लेकर उन्होंने मार्केट सचिव को शिकायत भी दी है। मामले को लेकर मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह ने बताया कि किसानों की लिखित शिकायत उनके पास आई है। इस शिकायत के समाधान के लिए डीसी को सिफारिश की जाएगी।
मैसेज के बाद भी नहीं कटा गेटपास : कुलवंत सिंह
बगथला के किसान कुलवंत सिंह ने बताया कि उसने साढ़े 37 एकड़ में पीआर 126 लगाई थी। पिछले 3-4 दिन से वह गेट के लिए लाइन में लग रहे हैं, मगर उनका गेट पास नहीं कट रहा है। गेट पास वाले मार्केट कमेटी कार्यालय में भेज देते हैं और यहां से उनको दोबारा गेट पास कटने का आश्वासन देकर भेज दिया जाता है। पहले बारिश में उनकी फसल बह गई और काफी फसल पानी लगने से गल गई।
एसडीएम कर रहे वेरिफिकेशन
डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि 30 एकड़ या इससे ज्यादा जमीन वाले किसानों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से वेरिफिकेशन का काम किया जा रहा है। शीघ्र ही वेरिफिकेशन के कार्य को पूरा कर लिया जाएगा और जल्द ही इन किसानों के धान की खरीद शुरू होगी।
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