महाभारतकालीन पवित्र सन्निहित सरोवर किनारे एक वीटा बूथ में मीट पकाने के मामले में 24 घंटे बीतने से पहले ही कार्रवाई हो गई। सीईओ वीटा ने शनिवार शाम बूथ खाली करने के आदेश जारी कर दिए। इससे पहले सुबह ही श्री बाह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा द्वारा बूथ संचालक के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के विरोध में कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर उपायुक्त व केडीबी के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। सभा के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि बूथ संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वें धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं को साथ लेकर आंदोलन करेंगे और सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
सभा के प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने उपायुक्त व केडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा था कि कुरुक्षेत्र में मांस पकाना व बेचना कानूनी रूप से वर्जित है। पवित्र सन्निहित सरोवर के पश्चिमी तट पर स्थित बूथ पर मीट बनाने से धर्म प्रेमियों की भावनाएं आहत हुई है और तीर्थ की गरिमा को ठेस पहुंची है। कार्रवाई पर शिरड़ी सेवा संघ के प्रधान डॉ. विजय शर्मा, सनातन धर्म गौशाला के प्रबंधक डॉ. सत्यदेव शर्मा, पुजारी सुशील शास्त्री, पुजारी सुनंदन मिश्रा, श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य सलाहकार एवं केडीबी पूर्व सदस्य जय नारायण शर्मा, प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा ने उपायुक्त व सीईओ केडीबी का धन्यवाद किया।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ अनुभव मेहता ने कहा कि हमने सीईओ वीटा को लिख दिया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए शनिवार शाम को ही सीईओ वीटा ने बूथ खाली करने के आदेश जारी कर दिए हैं। ये बूथ वीटा द्वारा ही अलॉट किया जाता है। केडीबी किसी की भी धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं होने देगा। जल्द ही बूथ खाली करा दिया जाएगा।