संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट के गठन की मांग को लेकर संघर्ष का शंखनाद रविवार को यादव धर्मशाला कुरुक्षेत्र में आयोजित हरियाणा यादव महासभा, पंजाब यादव महासभा तथा संयुक्त अहीर रेजिमेंट मोर्चा की संयुक्त विशाल बैठक में किया गया। बैठक मे निर्णय लिया गया कि 23 मार्च को खेड़की दौला में आयोजित जनसभा में समाज के लोग बड़ी संख्या में भाग लेकर अहीर रेजिमेंट का दावा मजबूत करेंगे।
बैठक में हरियाणा सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव, पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष संतोष यादव, करनाल, अंबाला, यमुनानगर, कैथल, जींद, पंचकूला व पंजाब व संगरूर यादव सभा के सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री ओमप्रकाश यादव ने कहा कि भारतीय सेना में फिलहाल 23 रेजिमेंट हैं, जो विभिन्न जातियों और क्षेत्र के नाम पर हैं। अहीर समाज के वीरों ने सेना में देश की सेवा करते हुए हमेशा अद्भुत पराक्रम दिखाया है, इसलिए सेना में अहीर रेजिमेंट का गठन समय की मांग है और शहीदों का सम्मान है। केंद्र सरकार को इसे शीघ्र पूरा करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं हरियाणा विधानसभा में सभी विधायकों व मंत्रियों से अहीर रेजिमेंट के लिए समर्थन मांगेंगे। उन्होंने विभिन्न युद्धों में अहीरों की भूमिका का लेखा जोखा पेश किया व यादव समाज सभा को 15 लाख रुपये देने की घोषणा की। पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष व भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रभारी संतोष यादव ने कहा कि भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट के लिए उन्होंने स्वयं 2020 में रक्षा मंत्री को मांगपत्र भेजा था। यह समाज की लड़ाई है जो सभी नेताओं को पार्टी स्तर से ऊपर उठकर लड़नी होगी। उन्होंने यादव सभा को दो लाख रुपये देने की घोषणा की।
पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह लड़ाई समाज की है और इसे किसान आंदोलन से सीख लेते हुए संवैधानिक तरीके से लड़ना होगा। उन्होंने लोगों से 23 मार्च को बड़ी संख्या में खेडकी दोला पहुंचने की अपील की। अहीर रेजिमेंट के संयोजक मनोज यादव ने कहा कि मोर्चा का यह फैसला है कि भविष्य में अहीर बिरादरी उसी नेता को वोट देगी जो अहीर रेजिमेंट के गठन का समर्थन करेगा। यादव समाज सभा, कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. अतुल यादव ने कहा कि शहीदी दिवस के अवसर पर 23 मार्च को गुरुग्राम के खेड़की दौला में विशाल जनसभा के आयोजन में उत्तरी हरियाणा से भारी संख्या में भाग लेंगे। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी शनिवार को अहीर रेजिमेंट के गठन की मांग को समर्थन देते हुए इसे आवश्यक बताया था।