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सामुदायिक केंद्र बदहाली के शिकार, गंदगी की भरमार

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सेक्टर- सात के सामुदायिक केंद्र की टूटी पड़ी दीवार। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। लोगों के सुविधा के लिए सेक्टरों में बनाए गए सामुदायिक केंद्र नगर परिषद की अनदेखी के चलते बदहाली के शिकार हो गए हैं। रखरखाव न होने के कारण इनकी हालत बहुत ही दयनीय हो चुकी है। तकरीबन सभी केंद्रों में गंदगी की भरमार है। कुछ सामुदायिक केंद्र खंडहर नजर आने लगे हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वहीं ये केंद्र नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की आरामगाह बने हैं। सुबह साफ सफाई का काम निपटाने के बाद सफाई कर्मी इन केंद्रों में ड्यूटी खत्म होने तक आराम करते हैं। सफाई कर्मी अपनी रेहड़ियां खड़ी करने के साथ अन्य सामान भी केंद्र परिसर में ही रखते हैं। वहीं इन सामुदायिक केंद्रों में कोई चौकीदार भी तैनात नहीं है। इस कारण यहां शरारती तत्व तोड़फोड़ करते हैं। इन केंद्रों से बिजली का सामान चोरी हो चुका है।
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बदहाली के चलते सस्ते दामों पर उपलब्ध होने के बावजूद भी सेक्टरवासी इनकी ओर मुंह नहीं कर रहे हैं। उन्हें मजबूरन मैरिज पैलेसों और होटलों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इस समस्या की कई बार शिकायतें करने पर भी लगातार अनदेखी से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। सभी केंद्रों में गंदगी की भरमार है, शीशे व दरवाजे टूटे पड़े है। कई की छतें टपक रही हैं तो कुछ के सीवरेज अटे पड़े है। दीवारें सीलन के कारण जर्जर हो चुकी है।
सेक्टर-7 के सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन एक अगस्त 1997 को तत्कालीन राज्यपाल महावीर प्रसाद ने किया था। विधायक सहित कई बड़े नेता व अधिकारी इस सेक्टर में रहते है। बावजूद इसके यहां के केंद्र की हालत बदतर है। केंद्र के पीछे बाउंड्री की दीवार ढह चुकी है। इसी दीवार के साथ एक दुकान का निर्माण चल रहा है। आरोप है कि इस दुकान के निर्माण के दौरान दीवार को तोड़ा गया, क्योंकि मौके पर दुकान का कुछ हिस्सा दीवार के साथ लग रहा था. इसलिए दीवार को गिरा दिया गया।
सेक्टर-4 के पूर्व प्रधान रामपाल डाबर ने बताया कि यह सामुदायिक केंद्र वर्ष 2008 में बना था। वर्ष 2012 तक तो सब ठीक चला। अब बीते 10 वर्ष से यहां कोई चौकीदार नहीं है, जिस कारण सामुदायिक केंद्र का बहुत सा सामान चोरी हो चुका है। कई बार शिकायत देने बाद कुछ माह पहले दरवाजे लगाए गए थे, लेकिन देखरेख न होने के कारण यह भी टूटने लगे है। बारिश के दौरान केंद्र की छत भी टपकती है।
सीनियर सिटीजन वेलफेयर के प्रधान राजिंद्र ने बताया 23 जनवरी को एक कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद की निवर्तमान चेयरपर्सन उमा सुधा सेक्टर-5 के सामुदायिक केंद्र पहुंची थी। इस दौरान उनको केंद्र की बदहाल स्थिति से अवगत कराया था। उस समय उन्होंने केंद्र की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था, अब तक कोई काम नहीं हुआ। उससे पहले भी वह कई बार नगर परिषद के अधिकारियों और विधायक को शिकायत दे चुके हैं।
सुरेश कुमार ने बताया कि सेक्टर-5 के केंद्र के शीशे और दरवाजे टूट चुके हैं। ऊपर की मंजिल पर ठेकेदार ने कब्जा किया हुआ है। ठेकेदार ने अपना सामान रखा हुआ है। बिजली का सामान करीब-करीब सब चोरी हो चुका है। सामान उठाने को लेकर कई बार ठेकेदार की शिकायत दे चुके हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर रूप रविंद्र बिश्नोई ने भी माना कि सेक्टरवासियों द्वारा सामुदायिक केंद्रों का इस्तेमाल न कर पाना उनकी जेब का बोझ बढ़ा रहा है। कहा कि वह अधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द इन सभी केंद्र को ठीक करवाएंगे। वहीं जिन केंद्रों में चौकीदार नहीं है यहां चौकीदार तैनात किए जाएंगे। सोमवार से साफ सफाई का काम शुरू हो जाएगा।

सेक्टर- 13 स्थित सामुदायिक केंद्र की छत और दीवार की हालत। संवाद- फोटो : Kurukshetra

सेक्टर- पांच के सामुदायिक केंद्र में खड़ी कूड़ा उठाने वाली रेहड़ियां। संवाद- फोटो : Kurukshetra

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