ऑस्ट्रेलिया में मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को मुख्यमंत्री ने वर्चुअली संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि गीता काल, देश और सीमाओं से परे है, यह सर्वकालिक, सार्वभौमिक और चिरस्थायी है। आज विश्व आतंकवाद और युद्ध का सामना कर रहा है, जबकि शांति और भाईचारा समय की जरूरत है।
आज पूरा संसार युद्ध, आतंकवाद, हिंसा और तनाव का सामना कर रहा है। ऐसे में गीता में दिया गया विश्व शांति, प्रेम और भाईचारा का संदेश हर मानव के लिए प्रासंगिक है। यह कहना है मुख्यमंत्री मनोहर लाल का। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के केनबरा के फेडरल पार्लियामेंट में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर वर्चुअली संबोधन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी की सभी समस्याओं का हल श्रीमद्भगवद्गीता में निहित है।
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उन्होंने कहा कि हम सभी भारतीयों विशेषकर प्रदेश के लोगों के लिए गर्व की बात है कि ऑस्ट्रेलिया की स्वयंसेवी संस्थाओं और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संयुक्त प्रयासों से ऑस्ट्रेलिया की पावन धरा पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया है। गीता एक ऐसा अलौकिक प्रकाश पुंज है, जो काल, देश और सीमाओं से परे है। यह सर्वकालिक, सार्वभौमिक और चिरस्थायी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि श्रीमद्भगवद्गीता जीवन के विभिन्न पहलुओं के लिए सार्थक है। उनके मार्गदर्शन से प्रदेश सरकार गीता के इस ज्ञान को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
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उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे उस प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, जहां कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने 5160 वर्ष पहले गीता के माध्यम से कर्म योग का अमर संदेश दिया था, जो सदियों तक मानव का मार्गदर्शन करता रहेगा। गीता में कुरुक्षेत्र को धर्मक्षेत्र की संज्ञा दी गई है। गीता में कर्तव्य पालन और कर्म करने पर जोर दिया गया है, इसलिए गीता को कर्मयोग का शास्त्र भी कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि गीता के श्लोक में कहा गया है कि कर्म करो और फल की चिंता मत करो। उन्होंने कहा कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने यह भी संदेश दिया है कि मनुष्य को अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि सब कुछ उस परमात्मा में निहित है। गीता का यह संदेश यदि विश्व के सभी लोग समझ लें तो फिर सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी और सारा संसार एक परिवार हो जाएगा।
विदित हो कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ऑस्ट्रेलिया पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, पानीपत से विधायक महिपाल ढांडा भी शामिल हैं।