शहर के प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे के बाद खामियों को दूर कराने के लिए लोगों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कंपनी द्वारा सर्वे के दौरान बहुत से लोगों के प्रॉपर्टी टैक्स में नाम, पता, प्लॉट साइज, एरिया कम-ज्यादा और प्लॉट नंबर गलत दर्ज कर दिए गए। अब इन्हें ठीक कराने के लिए शहरवासियों को नगर परिषद के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वीरवार को भी नगर परिषद कार्यालय में लोगों की लंबी लाइन नजर आई।
लोगों का कहना है कि डेस्क पर सिर्फ दो कर्मचारी ही बैठते हैं, ऐसे में उन्हें अपने फार्म को ठीक कराने के लिए तीन-तीन घंटे लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। इतना ही लाइन में लगे कुछ लोग तो ऐसे भी हैं, जिन्हें फार्म एडिट कराने के लिए नप में आते हुए लगातार तीसरा दिन हो चुका है, लेकिन अभी भी उनका काम नहीं हो पाया है। सर्वे के दौरान किसी व्यक्ति के मकान को किसी दूसरे एरिया में दिखाया गया है, तो वहीं प्लाट के साइज में गड़बड़ी कर दी गई है।
बताते चलें कि एक निजी कंपनी द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे किया गया था। अब सर्वे पूरा होने के बाद कंपनी द्वारा उपलब्ध जानकारी को दुरुस्त कराने के लिए एक माह का समय दिया गया है। ऐसे में लोग लगातार नप कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां बने डेस्क पर कर्मचारियों की कमी के कारण उन्हें खासी परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है। लाइन में लगे लोगों ने आरोप लगाया कि डेस्क पर बैठे कर्मचारी जानकारों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं, जिस कारण तीन-तीन घंटे लाइन में खड़े रहकर भी उनका काम नहीं हो पा रहा है।
इस पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर सिंह ने बताया कि लोगों की समस्या को देखते हुए सक्षम युवाओं को भी इस काम में लगाया जाएगा, ताकि कार्यालय में लाइन न लगे। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा सर्वे के दौरान दर्ज रिकॉर्ड को ठीक कराने के लिए एक माह का समय दिया गया है।
रोशन लाल ने बताया कि वें शांति नगर के रहने वाले हैं, लेकिन प्रॉपर्टी टैक्स में उनका घर टेका मार्केट लिख दिया गया है। इतना ही नहीं उनका व उनके पिता का नाम भी गलत लिखा हुआ है। ये गलतियां ठीक कराने के लिए सुबह से लाइन में खड़े हुए हैं, लेकिन नंबर ही नहीं आ रहा।
दीदार नगर वासी आनंत राम ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स में उनकी जमीन की पैमाइश गलत दिखाई हुई है, जिसे ठीक कराने के लिए वह सुबह आठ बजे से लाइन में खड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि कार्यालय में बैठे कर्मचारी अपनी जान पहचान वालों का काम पहले कर रहे हैं, जिस कारण वें तीन-तीन घंटे लाइन में खड़ा होने को मजबूर हैं।
तिलक राज ने बताया कि वह शांति नगर के ही रहने वाले हैं और उनका घर भी टेका मार्केट में दिखाया गया है। इतना ही नहीं उनका मकान 125 गज में बना हुआ है, लेकिन प्रॉपर्टी टैक्स के अंदर यह 214 गज में दिखाया गया है। वह पहले भी इसे ठीक कराने के लिए नप आ चुके हैं, यहां लंबी लाइन देख हिम्मत टूट जाती है। घुटनों में तकलीफ है, इसलिए वह ज्यादा देर तक लाइन में खड़े भी नहीं रह सकते।
शांति नगर वासी रमेश चंद ने कहा कि वह तीन दिन से एरिया बदलवाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। कोई सुनने वाला ही नहीं है। अंदर बैठे कर्मचारी अपनी जान पहचान वालों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिस वजह से अन्य लोगों को घंटों लाइन में खड़ा होकर इंतजार करना पड़ रहा है।
सेक्टर-13 वासी रघुनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स फार्म सिर्फ चैक कराना है। उन्हें इस काम के लिए नगर परिषद आते हुए लगातार तीन दिन हो चुके हैं। आज भी सुबह नौ बजे से लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन काम इतनी धीमी गति से हो रहा है कि उनका नंबर ही नहीं आता।
कल्याण नगर वासी मीना ने कहा कि उनका घर भी प्रॉपर्टी टैक्स में शांति नगर में दिखाया गया है। ठीक कराने के लिए घर के कामकाज छोड़कर लाइन में लगना पड़ रहा है और यहां भी समय पर नंबर नहीं पड़ रहा।