संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग और क्लाइमेट रिअलिटी प्रोजेक्ट संस्था नेा संयुक्त रूप से एक वेबिनार का आयोजन किया। मुख्य अतिथि प्रो मंजुला चौधरी ने कहा कि पर्यावरण में हो रहे बदलाव एक बड़ा खतरा हैं। इनके संरक्षण में विश्वविद्यालयों को बड़ी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण पाठ्यक्रम का हिस्सा होना चाहिए और विद्यार्थियों को इसके बारे में प्रशिक्षण देना चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत नए पाठ्यक्रम में इसका समावेश किया जाएगा। मुख्य वक्ता संस्था के निर्देशक आदित्य पुंडीर ने कहा कि हरियाणा में पर्यावरण में बदलाव से फसल प्रभावित ही रही है। हर वर्ष तापमान बढ़ने से भारी नुकसान ही रहा है।
उन्होंने कहा कि पेरिस समझौते को शीघ्र लागू करना चाहिए अन्यथा दुनिया को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। डॉ. विवेक त्रिवेदी ने कहा कि सरकार, उद्योग तथा आम जनता सबको पर्यावरण के लिए विशेष कदम उठाने की आवश्यकता है। हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव करना होगा ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो। वेबिनार में प्रो. तेजेंद्र शर्मा, प्रो. नीलम ढांडा, प्रो. अजय सुनेजा, प्रो. सुभाषचंद, डॉ. वीरेंद्र पूनिया आदि ने हिस्सा लिया।