अपने पिता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलवाकर उसने देश का नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा अवार्ड हासिल किया है। सपना था कि वह अपने पिता के साथ प्रधानमंत्री से मिलूं, क्योंकि पिता की बदौलत ही उसने हॉकी स्टिक थामी थी। उसे खुशी है कि जब पद्मश्री अवार्ड मिला था तो पिता साथ थे। ये शब्द भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने कहे। रानी अपने पिता को साथ लेकर राष्ट्रपति भवन पहुंची और उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराई। कप्तान रानी रामपाल ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि यह जिंदगी के सबसे अनमोल व भावुक पल थे। बता दें कि रानी रामपाल महिला हॉकी की दुनिया का वह नाम है, जिसने मात्र 13 वर्ष की उम्र में भारतीय महिला हॉकी टीम मे जगह बना ली थी और उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस महान खिलाड़ी ने दो बार ओलंपिक में टीम की कप्तानी करने के साथ-साथ, अर्जुन अवार्ड, ध्यान चंद खेल रत्न अवार्ड, पद्मश्री अवार्ड, वर्ल्ड गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर 2019 अपने नाम किए। रानी के इन सभी पुरस्कारों के पीछे उनके पिता रामपाल का भी उतना ही योगदान है, जो सड़कों पर घोड़ा गाड़ी चलाकर बेटी को महान खिलाड़ी बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते रहे।
भावुक हुए पिता रामपाल ने कहा कि उनकी तो यही इच्छा है कि हर जन्म में रानी उन्हें बेटी के रूप में मिले। रानी ऐसी बेटी है, जिसने उनका ही नहीं बल्कि देश का गौरव बढ़ाया है और ऐसी बेटियों पर हमेशा ही गर्व रहेगा।