कुरुक्षेत्र। उपायुक्त शांतनु शर्मा।
कुरुक्षेत्र। लोकसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को चार जून को परिणाम आने के बाद एक माह के भीतर अपने चुनावी खर्च का ब्योरा जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार तय समयावधि में चुनावी खर्च का ब्योरा न देने वाले उम्मीदवारों को भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि इस बार लोकसभा आम चुनाव के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार तय की गई थी। नियम के अनुसार उम्मीदवार द्वारा नामांकन पत्र भरने के साथ ही चुनावी खर्च की गणना शुरू हो जाती है। इसके लिए उम्मीदवार को अलग से एक डायरी में अपने रोजाना के चुनावी खर्च का हिसाब रखना होता है और अलग से बैंक खाता भी खुलवाना होता है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक खर्च की गणना चलती है। इस दौरान कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा पैसा नहीं खर्च कर सकता है। उन्होंने कहा कि चार जून को जैसे ही लोकसभा आम चुनाव के परिणाम घोषित होंगे, उस तिथि से एक माह के अंदर-अंदर उम्मीदवारों को अपने चुनाव खर्च का ब्योरा देना अनिवार्य होगा।