अमर उजाला फाउंडेशन, सैनी यूथ फेडरेशन एवं सर्व समाज कल्याण सेवा समिति के तत्वावधान में शनिवार को गांव सैंसा में 157वां रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इस मौके पर मौजूद अतिथियों ने कहा कि रक्तदान महादान कहलाता है क्योंकि हमारा रक्त मुसीबत में किसी के काम आता है और हम एक अनजान से खून का रिश्ता बना लेते हैं। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उप पुलिस अधीक्षक पिहोवा गुरमेल सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी प्रदीप सैनी और सुखबीर सैनी ने शिरकत की। इस दौरान 42 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। अतिथियों ने रक्तदाताओं को बैज और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
शिविर गांव धनी रामपुरा के निवर्तमान सरपंच प्रवीण सैनी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में लगाया गया। मुख्य अतिथि गुरमेल सैनी ने कहा कि हमें प्रवीण सैनी जैसे युवाओं से सीख लेनी चाहिए कि कोई भी उपलक्ष्य हो उसे मनाने में समाज हित होना चाहिए। इस युवा ने अपने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का आयोजन कर समाज को एक अच्छा संदेश दिया है। युवाओं को चाहिए कि वे रक्त को लड़ाई झगड़े में न बहाकर रक्तदान करें, ताकि किसी भी जरूरत मंद की जान बचाई जा सके।
डीएसपी गुरमेल सिंह ने कहा कि संस्थाएं समाज हित में काम कर रही हैं, जितनी तारीफ की जाए कम है। शिविर में आए हुए अतिथियों और रक्तदाताओं को सैनी यूथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र सैनी, प्रदेशाध्यक्ष मोहित सैनी, जिलाध्यक्ष प्रवीण सैनी, सर्व समाज कल्याण सेवा समिति के प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर सैनी, जिला कोआर्डिनेटर अविनाश कौर, प्रदेश मीडिया प्रभारी तरूण कुमार, पूर्व मंत्री बलबीर सिंह के पुत्र राजेश सैनी ने पुष्प गुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर युवा सेवा समिति के प्रधान जसबीर सिंह, सतीश नीमवाला, गांव सैंसा के सरपंच जसबीर सैनी, बलोचपुर के सरपंच अनिल सैनी सहित कर्मवीर, रवि, रमी रविन्द्र आदि मौजूद रहे। इस मौके पर नरेंद्र सैनी और रामेश्वर सैनी ने युवाओं से आह्वान किया कि वो बढ़ चढ़ कर रक्तदान करें। रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं हो सकता। रक्तदान कर हम एक अंजान व्यक्ति से खून का रिश्ता स्थापित हो जाता है। शिविर में मनीष, मोनिका, चेतन, प्रिया रानी के नेतृत्व में पार्थ ब्लड बैंक की टीम ने रक्त एकत्रित किया।
: प्रवीण सैनी
समाजसेवी प्रवीण सैनी ने कहा कि जब किसी अपने का जीवन खतरे में हो तब रक्त की महत्ता समझ में आती है। आज हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में सहायक होगा। रक्त के लिए कभी किसी का जीवन समाप्त न हो इस बात की जिम्मेदारी हम सब पर है। कहा कि सभी लोगों को जागरूक करें और समय-समय पर सभी को रक्तदान करना चाहिए।
नरेंद्र ने कहा कि रक्तदान महादान है। एक व्यक्ति रक्तदान कर किसी जरूरतमंद लोगों की जान बचा सकता है और जाने अनजाने व्यक्ति से खून का रिश्ता बन जाता है। आपके रक्त की एक यूनिट से तीन मरीजों की जान बच सकती है। तो मरीजों की जान बचाने के लिए रक्तदान करिए। कहा कि किसी भी स्वस्थ व्यक्ति द्वारा दान किया गया रक्त शरीर में फिर से 24 घंटे में बन जाता है। इससे शरीर पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।