संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अमर उजाला फाउंडेशन ने सर्व समाज कल्याण सेवा समिति व डॉ. अंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया के सहयोग से महात्मा ज्योतिबा फुले एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर आयोजित किया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के नॉन टीचिंग क्लब में आयोजित शिविर में 76 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
इस अवसर पर समिति के प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर सैनी ने कहा कि रक्त किसी फैक्टरी में तैयार नहीं किया जा सका, इसलिए समय-समय पर रक्तदान करें। आज 185वां रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे रक्त को लड़ाई झगड़े में न बहाकर दान करें, ताकि किसी भी जरूरत मंद की जान बचाई जा सके।
डासफी के केयू अध्यक्ष प्रदीप तहान ने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर ने तीन मंत्र दिए हैं, शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित रहो। आज हमें इस विचारधारा पर चलना होगा तभी देश में एकता आएगी। उन्होंने हमेशा समाज के हित में कार्य करें। समिति के संरक्षक नरेश सैनी ने कहा कि संसार में रक्त का कोई अन्य विकल्प नहीं है। इसलिए किसी एक मनुष्य में रक्त की पूर्ति को दूसरे मनुष्य द्वारा किए गए रक्तदान द्वारा ही पूर्ण किया जा सकता है।
मीडिया प्रभारी तरुण वधवा ने कहा कि रक्त किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण है। जिलाध्यक्ष पुनीत सेतिया ने कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में तैयार नहीं होता है। एक मानव ही दूसरे मानव को रक्त दे सकता है। सेवानिवृत्त डीएसपी जगदीश चंद्र सैनी ने शिविर के संचालन में सहयोग किया। इस अवसर पर हलका पिहोवा के प्रधान जसबीर सिंह, कोषाध्यक्ष रविंद्र कश्यप, मीडिया प्रभारी सतीश नीमवाला, शोधार्थी प्रियंका भारती, पिंटू सिंगला, नवीन, रीतू, अरुण, अशीष, रवि, दीपाली, सोनम, नीतू, अमित, अंकित आदि मौजूद रहे।
हर तीन माह में करूंगा रक्तदान : अमित कुमार
छात्र अमित कुमार ने कहा कि पहली बार रक्तदान किया। रक्तदान करने से पहले थोड़ा डर लग रहा था। रक्तदान करके बहुत अच्छा महसूस हुआ। अब मन बना लिया है कि हर तीन माह बाद रक्तदान करूंगा, ताकि जरूरतमंद लोगों का रक्त मुहैया हो सके।
रक्त की कमी मानव ही पूरी कर सकता है : रजत
शिविर में पहुंच रजत ने दूसरी बार रक्तदान किया। बताया कि अब वह हर तीन माह बाद रक्तदान करने लगा है। रक्तदान कर काफी अच्छा महसूस होता है। हर युवा को रक्तदान करते रहना चाहिए। रक्त की कमी को मानव ही पूरी कर सकता है।
सभी को करना चाहिए रक्तदान : सुरेंद्र
रक्तदाता सुरेंद्र का कहना है कि हर व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। इससे शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती है, बल्कि नई ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने भी शिविर में पहली बार रक्तदान किया। आगे भी रक्तदान करूंगा।
पहली बार किया रक्तदान : नितेश कुमार
नितेश कुमार ने बताया कि उन्हें पहली बार रक्तदान किया है। बताया कि रक्तदान करने से पहले थोड़ी घबराहट जरूर थी, लेकिन रक्तदान कर खुद पर गर्व महसूस हुआ। अब उन्होंने मन बना लिया है कि वह हर तीन माह बाद रक्तदान करेंगे।
समाज के लिए कुछ करते रहें : पवन
छात्र पवन कुमार ने 25वीं बार रक्तदान किया। उनका कहना है कि हमें अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए हमेशा कुछ न कुछ करते रहना चाहिए। वह किसी भी व्यक्ति को जरूरत के समय रक्त देने को तैयार रहते हैं।
रक्त का कोई विकल्प नहीं : सुभाष
केयू मेस कर्मचारी सुभाष पारचा ने शिविर में 22वी बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है। किसी एक मनुष्य में रक्त की पूर्ति को दूसरे मनुष्य के रक्तदान से ही पूर्ण की जा सकती है।