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ढाई करोड़ से होगा सरस्वती तीर्थ का सुंदरीकरण

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सरस्वती तीर्थ की फाइल फोटो। - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। विश्व प्रसिद्ध पवित्र सरस्वती तीर्थ का ढाई करोड़ रुपये सुंदरीकरण किया जाएगा। तीर्थ को भव्य बनाने से लेकर श्रद्धालुओं को भी सुविधाएं देने की योजना बनाई गई है। इस बजट से तीर्थ का सुंदरीकरण, मरम्मत और तीर्थ के चारों ओर दीवार बनाने का काम किया जाएगा।
ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर तीर्थ के द्वारों पर लोहे के गेट लगाए जाएंगे तथा सदरियों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए कई जगह बेंच रखे जाएंगे। तीर्थ को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए विशेष लाइट लगाई जाएगी। इस कार्य को तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में तीर्थ की मरम्मत का कार्य होगा। इसमें तीर्थ परिसर में लगे टूटे पत्थर, पेंट, ग्रिल, शौचालय मरम्मत सहित अन्य कार्य होंगे। इसी चरण में तीर्थ के चारों ओर दीवार का निर्माण किया जाएगा। इस दीवार के निर्माण से तीर्थ से जहां अवैध कब्जे हटाए जाएंगे वहीं तीर्थ को बेसहारा पशुओं से भी निजात मिलेगी।
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इसी चरण में तीर्थ के तीन द्वार पर ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर लोहे के गेट लगाए जाएंगे। इसके अलावा सरस्वती पार्क का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। पार्क में घास लगाई जाएगी और यात्रियों के बैठने के लिए बेंच रखे जाएंगे। पार्क में कूड़ेदान भी लगाए जाएंगे ताकि तीर्थ व पार्क स्वच्छ रहे। दूसरे व तीसरे चरण में तीर्थ के सुंदरीकरण का कार्य किया जाएगा। इसमें तीर्थ पर आकर्षक लाइटें लगेगी। वहीं तीर्थ पर ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर सदरियों का निर्माण किया जाएगा।
वहीं प्राची से लेकर ब्रह्म जून तक सरस्वती नदी के किनारे कई अवैध डेयरियां चल रही है। नदी के किनारों को आसपास के लोगों ने पालतू पशुओं की शरण स्थली बनाया हुआ है। नदी के किनारों पर लोग गोबर डाल रहे हैं, जिससे नदी के साथ वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। तीर्थ की कायाकल्प के लिए इन अवैध डेयरियों को भी हटाया जाएगा।
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चैत्र चौदस मेले के बाद शुरू होगा कार्य : छाबड़ा
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि सरस्वती तीर्थ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए ढाई करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। इसमें तीर्थ के सुंदरीकरण, मरम्मत से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। चैत्र चौदस मेले के बाद कार्य आरंभ किया जाएगा और दो महीने में काम पूरा होगा।
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