संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पिछड़ा वर्ग एकजुट होकर संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ेगा। असंवैधानिक क्रीमीलेयर अधिसूचना रद्द कराने और 11 सूत्रीय मुद्दों पर जनजागरण अभियान चलाएगा। यह फैसला रविवार को प्रजापति धर्मशाला में आयोजित पिछड़ा वर्ग कल्याण महासभा हरियाणा व बामसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन में लिया गया।
सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए पिछड़ा वर्ग कल्याण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष प्रो. आरसी लिंबा ने कहा कि पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 27 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, लेकिन हरियाणा में पांच प्रतिशत से कम भी प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। दूसरी ओर सरकार पिछड़ा के आरक्षण विरोधी फैसले ले रही है, जिसके तहत पिछड़ेपन का केवल आर्थिक आधार कर देने से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बच्चे भी आरक्षण से बाहर हो गए हैं, जबकि वर्ष 1992 में इंद्रा साहनी व भारत सरकार नामक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार आरक्षण का आधार सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन है।
सरकार ने 17 अगस्त 2016 को अधिसूचना जारी कर एससी व बीसी कल्याण विभाग ने तत्कालीन छह लाख की आय सीमा का उप विभाजन कर एक से तीन लाख और तीन से छह लाख रुपये कर दिया। हाईकोर्ट से 2016 की अधिसूचना के खारिज होने पर 28 अगस्त 2018 को जारी अधिसूचना द्वारा क्रीमीलेयर मानदंड के सामाजिक व शैक्षणिक आधार को खत्म कर केवल आर्थिक आधार कर दिया, जिसके वेतन व कृषि सहित सभी स्त्रोतों की वार्षिक आय छह लाख से ज्यादा होगी, उसे क्रीमीलेयर मानकर आरक्षण से बाहर कर दिया। हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से हारने के बावजूद भी 17 नवंबर 2021 की असंवैधानिक अधिसूचना अन्यायपूर्ण और आरक्षण विरोधी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने इस अधिसूचना को जल्द खारिज नहीं किया तो पिछड़ा वर्ग महासभा प्रदेश स्तर पर आंदोलन की शुरुआत करेगी। इससे पहले अपनी मांग को लेकर सभी जन प्रतिनिधियों से लेकर सीएम व मंत्रियों सहित राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को लिखित में मांग पत्र भेजेगी। महासभा के महासचिव भारतीय इंद्र सिंह जाजनवाला ने बताया कि महासभा की मुख्य तौर पर 11 मुद्दे हैं, जिनको लेकर संघर्ष किया जा रहा है। इस मौके पर महासभा के संरक्षक शांता कुमार आर्य, प्रजापति कुम्हार धर्मशाला के प्रधान दर्शल लाल, बामसेफ के राष्ट्रीय संगठन सचिव सुरेश द्रविड़, अनिल यादव, डॉ. सुनील जांगड़ा, विजेंद्र हांसी, अनिल यादव, उपाध्यक्ष देवेंद्र जांगड़ा, रोशन लाल जांगड़ा आदि मौजूद रहे।