संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सही इलाज नहीं मिलने से नाराज एक व्यक्ति मेला ग्राउंड में अस्थायी तौर पर लगाए गए 70 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इसकी सूचना मिलने पर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस, नगर परिषद के अधिकारी बलबीर रोहिल्ला, सीएसआई रूप रविंद्र बिश्नोई व मोबाइल कंपनी के कर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फायर ब्रिगेड का बचाव दल और एंबुलेंस को भी बुलाया। छह घंटे 20 मिनट तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद थाना कृष्णा गेट प्रबंधक के आश्वासन पर दोपहर तीन बजकर 20 मिनट पर व्यक्ति नीचे उतरा।
जानकारी के अनुसार, क्योड़क निवासी राकेश धीमान पहले ब्रह्मसरोवर पर गाइड का काम करता था। आठ महीने पहले भी वह पुलिस को दी गई शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज होकर सेक्टर-13 स्थित बीएसएनएल के 310 फुट ऊंचे टावर पर चढ़ गया था। तब नीचे उतरते समय गिरने पर उसकी टांगों में चोट लग गई थी। इसके बाद उचित इलाज न मिलने के कारण वह रैन बसेरे में रहने लगा। फिलहाल वह गीता महोत्सव में झूले के ठेकेदार के पास काम कर रहा था।
बताया जा रहा है कि गत दिवस उसकी अपने भाई महावीर से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इससे खफा होकर राकेश सुबह करीब नौ बजे मेला ग्राउंड में एक कंपनी के अस्थायी तौर पर लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसे नीचे उतारने के लिए पुलिस प्रशासन को खूब मशक्कत करनी पड़ी। विदित हो कि अभी ब्रह्मसरोवर पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव चल रहा है, जिसमें देश-विदेश से पर्यटक पहुंच रहे हैं।
इस महोत्सव से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के दावे किए थे, मगर इस घटना के बाद उन दावों की पोल खुल गई। स्थिति यह रही कि राकेश को नीचे उतारने के लिए प्रशासन बगैर कोई इंतजाम किए ही जद्दोजहद करता रहा। सूचना के एक घंटा 38 मिनट के बाद जाल पहुंचा, मगर इस जाल को बांधने के लिए भी प्रशासन के पास रस्सी तक नहीं थी। रस्सी पहुंची तो प्रशासन ने भीड़ से लोगों को साथ में लेकर जाल बांधा। वहीं राकेश के नीचे उतरते समय स्पोर्ट्स बेड पहुंचे और दिखावे के लिए उसे लगाया गया।
थाना प्रबंधक ने दिया इलाज का आश्वासन
राकेश से बातचीत के लिए कंपनी का कर्मी गौरव टावर पर चढ़ा, जिसने राकेश की जानकार एक महिला के फोन से कृष्णा गेट थाना प्रभारी से उसकी बातचीत कराई। आश्वासन मिलने के बाद राकेश नीचे उतरने के लिए राजी हो गया। उसके बाद उक्त कर्मी दोबारा एक रस्सी व सेफ्टी बेल्ट से उसको नीचे उतार कर लाया, जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
राकेश के माता-पिता की हो चुकी मौत, पत्नी भी छोड़ गई
थाना प्रबंधक दिनेश कुमार ने बताया कि राकेश (35) को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राकेश के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है और पत्नी भी छोड़कर चली गई है। राकेश ब्रह्मसरोवर के पास रैन बसेरे में रहता है। आठ महीने पहले टावर से उतरते समय उसकी टांगों में चोट लग गई थी।
ऐसे चला घटनाक्रम
- सुबह आठ-नौ बजे बीच राकेश टावर पर चढ़ा।
- दोपहर 12 बजे सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुुंची।
- सवा 12 बजे दमकल गाड़ी में बचावकर्मी आए।
- साढ़े 12 बजे एलएनजेपी अस्पताल की एंबुलेंस मौके पर पहुंची।
- एक बजकर 38 मिनट पर बचाव के लिए जाल लेकर कर्मी पहुंचे।
- दो बजकर 33 मिनट पर कंपनी कर्मी गौरव टावर पर चढ़े राकेश से बातचीत के टावर पर चढ़ा।
- चार मिनट बाद वह ऊपर पहुंचा और राकेश से बातचीत शुरू की।
- दो बजकर 50 मिनट पर थाना प्रबंधक की राकेश से बातचीत कर इलाज का आश्वासन दिया।
- बातचीत के बाद कर्मी नीचे उतरा और पांच मिनट बाद सेफ्टी बेल्ट और रस्सी लेकर टावर पर चढ़ा और राकेश को सेफ्टी बेल्ट पहनाई
- 23 मिनट के बाद राकेश तीन बजकर 20 मिनट पर गौरव के साथ नीचे उतरा और पुलिस उसे अपने साथ ले गई।
टावर पर चढ़े युवक से बातचीत करता कर्मचारी। संवाद- फोटो : Kurukshetra