धान की भुगतान न होने से नाराज किसानों ने सोमवार को डीएफएससी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि अधिकारी उनकी समस्या का निवारण करने की बजाए गीता जयंती में व्यस्त होने का बहाना बना रहे हैं। भाकियू ने सरकार व प्रशासन को 1 दिसंबर तक धान का भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर 1 दिसंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो भाकियू अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के शुभारंभ 2 दिसंबर को डीसी कार्यालय का घेराव करेंगे।
भाकियू प्रेस प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि जिलेभर में 200 से ज्यादा किसानों का धान का भुगतान अटका हुआ है। उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने 72 घंटे में धान का भुगतान करने का दावा किया था, मगर फसल बिकने दो महीने बाद भी किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। भुगतान के लिए किसान सरकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, मगर अधिकारी गीता जयंती में व्यस्त होने का बहाना बनाकर टालमटोल कर रहे हैं। कहा कि कभी अकाउंट गलत बताकर तो कभी चंडीगढ़ का मामला बताकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। भुगतान न होने से किसानों को बिजाई के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान कर्ज लेकर बिजाई करने को मजबूर हो रहे हैं। अगर 1 दिसंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो भाकियू बड़ा आंदोलन करेगी। भुगतान न होने पर 2 दिसंबर को डीसी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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ब्याज के लालच में किसानों को तंग कर रही एजेंसियां
भाकियू प्रेस प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि पहले सरकार के माध्यम से फसल का भुगतान किया जा रहा था, मगर अब सरकार ने अपने साथ भुगतान के लिए निजी एजेंसियों को नियुक्त किया है। आरोप है कि ये निजी एजेंसियां अपना टर्नओवर और ब्याज बढ़ाने के लिए भुगतान नहीं कर रही है। किसानों के अकाउंट गलत होने का बहाना बनाकर परेशान किया जा रहा है।