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13.65 लाख की ठगी का आरोपी गिरफ्तार

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और हाईकोर्ट में स्टेनो की नौकरी लगवाने के नाम पर 13.65 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी करनैल सिंह वासी तलहेड़ी (अंबाला) से पांच हजार रुपये बरामद किए और अदालत के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
धर्मेंद्र वासी लंढा (अंबाला) ने दो फरवरी थाना शाहाबाद पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में कहा था कि वह 13 जनवरी 2017 को अपनी बुआ के घर गांव तुंबी (यमुनानगर) गया था। यहां पर उसकी मुलाकात करनैल सिंह से हुई थी। करनैल सिंह ने उसके साथ कार्यक्रम में आए कई युवाओं से कहा कि वह उनको कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में नौकरी दिला सकता है। एक महीने बाद करनैल सिंह ने उसे फोन पर बताया कि उसकी यमुनानगर की रहने वाली महिला आरती सिंधु से अच्छी जान पहचान है। इस महिला की केयू में एचओडी की जानकार है। इस समय केयू में राज्यपाल की सहमति से चपरासी, स्टेनो और क्लर्क की भर्तियां निकाली हुई है।
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कई दिनों बाद करनैल और महिला उसे किसी अन्य युवक के काम के लिए अपने साथ राज्यपाल भवन चंडीगढ़ लेकर गए थे। उसे बाहर खड़ा करने के बाद दोनों भवन में गए और कुछ देर बाद बाहर आकर उसे उक्त युवक का केयू में नौकरी का नियुक्ति पत्र दिखाया। उन दोनों ने बताया कि अगर उसे भी केयू में नौकरी पर लगना है तो चपरासी के तीन और स्टेनो व क्लर्क के लिए पांच लाख रुपये देने होंगे। यह बात घर आकर उसने अपने पिता को बताई। कुछ दिन बाद करनैल ने उसके पिता से उसे और उसकी बहन को चपरासी व स्टेनो की नौकरी पर लगाने के लिए आठ लाख रुपये की मांग की।
तब उसके पिता ने कुछ दिन बाद करनैल को नौकरी के लिए दो-दो लाख रुपये बस स्टैंड पर दिए थे। दो दिन बाद करनैल ने फोन पर बताया कि हाईकोर्ट चंडीगढ़ में स्टेनो की नौकरी निकली है। वह उसकी बेटी व भांजी को स्टेनो लगवा देगा तथा इस एवज में उसने पांच-पांच लाख रुपये मांगे थे। दो दिन बाद करनैल सिंह, भान सिंह गोस्वामी व उसका बेटा रवि बस स्टैंड पर आए और उसके पिता से पांच लाख 65 हजार रुपये लेकर बकाया रकम चंडीगढ़ में लेने की बात कह कर चले गए थे।
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बाद में उनका फोन आने पर करनैल, भान सिंह और सतीश उन्हें चंडीगढ़ में मिले और उसके पिता व बुआ से चार लाख रुपये लेकर चले गए थे। तब आरोपियों ने एक फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उनको केयू भेजा था, मगर उनका नाम सूची में नहीं था। उन्होंने नियुक्ति पत्र की जांच कराई तो वे फर्जी पाए गए थे। आरोपियों ने उनकी रकम वापस नहीं दी। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच करते हुए आरोपी करनैल सिंह को गिरफ्तार कर लिया और कब्जे से पांच हजार रुपये बरामद किए।
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