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चंद पल की खुशियां हमेशा के लिए छोड़ गई गम, रातभर कार में फंसे पड़े रहे शव

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उन्हें क्या पता था कि दिवाली और जन्मदिन पर पल भर की खुशियां उनके परिजनों के लिए जीवन भर के लिए गम छोड़ जाएंगी। पांचों दोस्त इस बात से ज्यादा खुश थे कि इस बार दिवाली के दिन उनके दोस्त बृजपाल का जन्मदिन आया है। इसलिए जश्न भी यादगार होना चाहिए। इसी सोच के साथ पांचों दोस्तों ने जश्न मनाया और उसकी फोटो भी सोशल मीडिया पर अपने जानकारों व दोस्तों को शेयर की।
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जन्मदिन की पार्टी के बाद खुशी और उत्साह से लबरेज जब कार में पांच दोस्त अपने घर लौट रहे थे, तो उन्हें अंदाजा तक नहीं था कि नेशनल हाईवे के नलवी लिंक रोड पर काल उन्हें इस कदर अपना ग्रास बनाएगा कि घंटों तक उनके शवों को देखने व उठाने वाला तक कोई नहीं होगा। ...और अंतत: ऐसा ही हुआ, मध्यरात्रि करीब डेढ़ बजे पांचों दोस्तों की कार सड़क के किनारे उतर एक पेड़ से जा टकराई। रात अंधेरी थी और दिवाली का पर्व था। इसलिए भी इस लिंक रोड पर वाहनों की आवाजाही कम थी। जिस वजह से किसी को भनक तक नहीं लगी कि सड़क किनारे दर्दनाक हादसा हुआ है और उसमें पांच युवक दबे पड़े हैं। सुबह करीब छह बजे एक राहगीर ने कार देखी, तब तक कार में दबे पड़े पांचों दोस्त दम तोड़ चुके थे।
बसंतपुर निवासी 21 वर्षीय बृजपाल के पिता धर्म सिंह ने बताया कि पांच बेटियों में बेटा इकलौता था। बेटे की हाल ही में सगाई हुई थी और शादी की तैयारियां चल रही थीं। हर तरफ खुशियां ही खुशियां थीं, लेकिन न जाने किसकी नजर लग गई। एक ही रात में सारी खुशियां मातम में बदल गईं और कभी न भूलने वाला गम दे गई। उन्होंने बताया कि बेटे बृजपाल का दिवाली के दिन ही जन्मदिन था। घर में दिवाली की खुशियों के बीच वह दोस्तों संग जन्मदिन बनाने गया था। तभी नलवी के पास कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई और पांच दोस्तों की मौत हो गई। इसमें बृजपाल (21) व अंकित (20) वासी बसंतपुर, विशाल (22) वासी नलवी, गोल्डी वासी जैनपुर (21) और गुरमीत (22) वासी बोरीपुर शामिल हैं। सभी बृजपाल के साथ उसके जन्मदिन की पार्टी करने गए थे। एक साथ जन्मदिन की पार्टी की सभी ने वीडियो बनाई। फोटो भी व्हाट्सएप पर परिजनों के साथ शेयर की, लेकिन कुछ ही घंटों पर बाद उनकी मौत की खबर आई।
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बृजपाल व उसके चचेरे भाई अंकित की अर्थी एक साथ उठाई गईं। इसी तरह विशाल भी दो बहनों का इकलौता भाई था। एक बहन की शादी हो चुकी है। उधर, गोल्डी व गुरमीत के परिजनों पर भी दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। विधायक रामकरण काला, पूर्व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी के बेटे एडवोकेट गौरव बेदी, कर्ण प्रताप बेदी ने परिवार सांत्वना दी।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए नौ घंटे बाद दोपहर तीन बजे एलएनजेपी भेजा गया। पुलिस को कागजी कार्रवाई करने में काफी समय लगा। इस दौरान परिजन परेशान होते रहे। मांग थी कि कुछ ऐसा बदलाव किया जाए कि पोस्टमार्टम त्वरित आधार पर हो और पुलिस की कार्रवाई भी साथ-साथ होती रहे।
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