कुरुक्षेत्र। मरीज का ऑपरेशन करते डॉ. अनुप मेहता। संवाद
कुरुक्षेत्र। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगे नि:शुल्क सर्जिकल कैंप में चार दिन में 82 लोगों ने सर्जरी कराई है। इसमें आंखों की समस्या के ज्यादा मरीज पहुंचे हैं। कैंप में अभी तक 60 मोतियाबिंद के ऑपरेशन हुए हैं। शुक्रवार को कैंप में 21 लोग ऑपरेशन कराने पहुंचे।
शनिवार को कैंप का अंतिम दिन है। 17 नवंबर से कैंप शुरू हुआ था। प्राइवेट अस्पतालों में पित्त व किडनी की पत्थरी पेट के अंदर कोई भी रसौली अपेंडिसाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के ऑपरेशनों पर आयुष्मान के तहत मिलने वाली सुविधा बंद है। ऐसे में लोगों को चंडीगढ़ पीजीआई या फिर निजी अस्पतालों में महंगे दामों में ऑपरेशन करवाने पड़ रहे हैं। सरकारी अस्पताल में आयोजित इस कैंप में मरीजों को काफी लाभ मिला है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि जो आयुष्मान भारत लाभार्थी है वे 22 नवंबर तक सर्जिकल कैंप के तहत अब अपने घुटने, कूल्हे, आंखों के मोतियाबिंद और पेट संबंधित बीमारी का ऑपरेशन नि:शुल्क करवा सकते हैं।
पांच माह पहले इन ऑपरेशनों पर लगी रोक
पित्त व किडनी की पत्थरी, पेट के अंदर कोई भी रसौली, अपेंडिसाइटिस, पिताशय की थैली का ऑपरेशन, बच्चेदानी का ऑपरेशन व बेरियाट्रिक सर्जरी का इलाज आयुष्मान कार्ड पर बंद कर दिया गया है।