अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर अपनी मुख्य मांगों को लेकर जिले के 355 कर्मी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए है। हड़ताल के दौरान कर्मचारी सिविल अस्पताल में एकत्रित हुए और धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। हड़ताल पर कर्मियों के जाने से सबसे ज्यादा प्रभाव एंबुलेंस सेवाओं पर पड़ा। एनएचएम कर्मियों द्वारा वीरवार को सुबह ही सिविल अस्पताल स्थित 108 नंबर एंबुलेंस कंट्रोल रूम के दरवाजे पर ताला जड़ दिया और हड़ताल संबंधित नोटिस चस्पा दिया गया। कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद रेगुलर स्टाफ व आउटसोर्सिंग कर्मियों ने अस्पताल की इमरजेंसी सहित अन्य सेवाएं संभाली। एंबुलेंस सेवाएं बाधित होने से सबसे ज्यादा परेशानी डिलीवरी के लिए आई महिलाओं और उनके परिजनों को हुई। आपालकालीन मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं को निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ा। एनएचएम कर्मी एक जनवरी 2018 से सर्विस नियम के तहत सभी एनएनएम कर्मियों की पे-ग्रेड संबंधित विसंगतियों को दूर करने के अलावा स्थायी रोजगार सुुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। सर्विस नियम के तहत कर्मियों की बढ़े हुए वेतन का सितंबर तक बजट जारी करने सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे है। जिला संगठन मंत्री कुलविंदर कौर ने कहा कि एनएचएम कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर गत वर्ष 5 दिसंबर से लेकर 13 दिसंबर तक हड़ताल अनिश्चितकालीन की थी, जिस दौरान सरकार ने मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन देकर हड़ताल को समाप्त करा था, लेकिन अभी तक एनएचएम कर्मियों की मांगें पूरी नहीं की गई। कहा कि यदि दो दिवसीय हड़ताल में मांगें पूरी नहीं की गई तो कर्मचारी आंदोलन को बड़े स्तर पर करने को मजबूर होंगे।
एक रेगुलर स्टाफ ने संभाला प्रसूति विभाग
एनएचएम कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद रेगुलर स्टाफ नर्सों ने अस्पताल की इमरजेंसी सहित अन्य सेवाएं संभाली। जानकारी के अनुसार वीरवार को अस्पताल के प्रसूति विभाग में 130 जच्चा-बच्चा दाखिल रहे, जिसमें 38 नवजात थे। इसके अलावा करीब 25 गर्भवती महिलाएं दाखिल रही, जिनकी कल तक डिलीवरी होनी है। विभाग में दाखिल जच्चा-बच्चा की देखरेख करनी सिर्फ रेगुलर एक स्टाफ नर्स जिम्मे थी।