अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने हत्या के जुर्म में एक व्यक्ति को उम्रकैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव दालमवाला निवासी पवन ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 12 नवंबर 2012 रात को उसके भाई रामनिवास को गांव के ही रामस्वरूप ने बातचीत करने का झांसा देकर अपने पास बुला लिया। कुछ दिन पहले रामनिवास और रामस्वरूप के बीच झगड़ा हो गया था।
बाद में पंचायती स्तर पर मामला सुलझ गया था। घटना वाली रात रामस्वरूप ने रामनिवास को बुलाकर उसके सिर में डंडा दे मारा। इसमें रामनिवास गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने रामनिवास को सामान्य अस्पताल लाया गया, चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देख पीजीआई रोहतक रैफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान रामनिवास की मौत हो गई थी।
पुलिस ने रामस्वरूप के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। वीरवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने रामस्वरूप को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।