माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश सरकार की ओर से खिलाड़ियों को दिए जाने वाले भीम अवॉर्ड की सूची जारी कर दी गई है। जिसमें करनाल के अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज अनीश भनवाला और अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट रीना रानी भी शामिल हैं। भीम अवॉर्ड प्राप्त करने वालीं रीना अब एक आगंनबाड़ी कार्यकर्ता हैं और पिछले दो माह से अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलनरत हैं। महापड़ाव में मौजूद रीना का कहना है कि भीम अवॉर्ड मिलने की खुशी तो है लेकिन अपनी बहनों की हालत देखकर दुख भी होता है। भीम अवॉर्ड प्राप्त खिलाड़ियों को हर महीने पांच हजार रुपए मानदेय देने की जनवरी 2021 में घोषणा की गई थी।
अंतराष्ट्रीय पैरा एथलीट (जेवलिन) रीना रानी करनाल के ज्योति नगर में रहती हैं। उन्होंने बताया कि 2014 में शुरू हुए खेल सफर के कई खट्टे- मीठे अनुभव रहे हैं। 2018-19 में इंडोनेशिया में आयोजित पैरा एशियन गेम्स में पांचवें स्थान पर रहने पर सरकार द्वारा मुझे भीम अवॉर्ड से सम्मानित किया है। शुरूआती दौर में कर्ण स्टेडियम में अभ्यास किया। कुछ समय के बाद सिंथेटिक ट्रेक बनने के कारण थ्रो इवेंट के खेलों पर खेल विभाग ने रोक लगा दी जिसके चलते करनाल में महिला महाविद्यालय के शाखा मैदान में प्रधानाचार्य से अनुमति लेकर अभ्यास किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए टॉप छह की रैक प्राप्त करनी होती है। प्रशिक्षक और खेल सुविधा न मिलने के बाद भी मैंने हिम्मत नहीं हारी और बगैर प्रशिक्षक और खेल सुविधाओं के लगी रही और प्रतियोगिता में पांचवें स्थान पर पहुंच कर देश का नाम रोशन किया। 2014 से अब तक कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीते हैं। अब आगे का लक्ष्य वर्ड चैपिंयनशिप, एशियन गेम्स और पेरिस ओलंपिक में पदक जीत कर देश का नाम रोशन करना चाहती हूं।
बहन के साथ की पदक जीतने की शुरुआत
करनाल। अंतराष्ट्रीय निशानेबाज अनीश भनवाला ने प्रदेश सरकार का शुक्रिया करते हुए बताया कि यह सम्मान हर खिलाड़ी को और आगे बढ़ने का हौसला देता है। मैंने अपनी बड़ी बहन मुस्कान के साथ 2014 से शूटिंग खेल की शुरूआत की थी। 2015 में नेशनल प्रतियोगिता में हम भाई-बहन ने पदक जीतने की शुरूआत की और यह सिलसिला जारी है। सरकार द्वारा दिए जाने वाले सम्मान के बाद हौसला और भी बढ़ गया। सरकार द्वारा मुझे 2019-20 में हुए अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में पदक जीतने पर यह अवॉर्ड दिया है। अब मेरा लक्ष्य 2022 में चीन में होने वाले एशियन गेम्स, 2024 पेरिस ओलंपिक है। इस उपलब्धि का श्रेय अपने प्रशिक्षकों और परिजनों को देता हूं। खास कर अपने शूटिंग के प्रशिक्षक हरप्रीत सिंह डीएसपी को देना चाहूंगा।