माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मौसम का धान की कटाई पर बड़ा असर हुआ है। रविवार को खरीद बंदी के बावजूद सोमवार को भी करनाल मंडी का कांटा खाली दिखा। यहां 80 प्रतिशत धान का उठान कर लिया गया। सुबह कुछ किसान धान लेकर पहुंचे, इसके बाद शाम तक एक दो किसान ही धान लेकर आते दिखे। हालांकि जिले की दो मंडियों में आज भी किसानों की लाइनें दिखीं। सोमवार को जिलेभर की मंडियों में एजेंसियों द्वारा 67672 एमटी व राइस मिलर्स ने 35 एमटी धान की खरीद की गई। जिससे कुल खरीद 585475 मीट्रिक टन पहुंच गई। इसमें से 430516 एमटी की लिफ्टिंग हुई। 154959 मीट्रिक टन धान अभी भी मंडियों में हैं।
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि अनाज मंडियों में अब व्यवस्था सुधार की ओर है, क्योंकि पिछले तीन दिनों से मौसम की खराबी के कारण व गीले हो चुके खेतों में कंबाइन आदि नहीं चल पाने के कारण कम ही किसान मंडियों में पहुंच रहे हैं। वैसे भी पचास फीसदी से अधिक धान मंडियों में पहुंच चुका है। यूपी में भारी बारिश से धान आना बंद हो गया है। आवक घटने से धान के भाव में भी तेजी देखी जा रही है। मंडी सचिव पवन चोपड़ा ने बताया कि करनाल मंडी में तो 785666 क्विंटल आवक रही तो 532970 क्विंटल धान की लिफ्टिंग हो गई है, जिससे अब मंडी में पर्याप्त स्थान बन गया है। मौसम साफ होने पर धान की आवक बढ़ेगी। जिले की अन्य मंडियों में भी स्थित अब बेहतर दिखी। हालांकि दिनभर रिमझिम बारिश होने से कई स्थानों पर किसानों का धान भीगा। राइस मिलर्स ने भी धान गीला होने के कारण खरीद से हाथ खींच लिया, जिससे किसानों को धान की मंडियों में रखवाली करनी पड़ रही है।
कूड़ा देखकर भड़के मंडी सचिव
करनाल। अनाज मंडी करनाल के सचिव पवन चोपड़ा ने सोमवार को अनाज मंडी में धान से निकलने कूड़े को उठाने में लापरवाही बरतने पर ठेकेदार को बुलाकर कड़ी नाराजगी जाहिर की। चेतावनी दी कि यदि मंडी में कहीं भी कूड़ा दिखा तो कार्रवाई की संस्तुति कर मार्केटिंग बोर्ड को लिख दिया जाएगा।
मंडी सचिव पवन चोपड़ा ने मंडी का दौरा किया तो कई स्थानों पर धान की सफाई करने से निकला कूड़ा पड़ा दिखाई दिया। कार्यालय पहुंचते ही ठेकेदार को तलब किया और जमकर क्लास लगाई। तत्काल सफाई कर्मियों को भेजकर सफाई करने के निर्देश दिए।
दोनों द्वारों पर डबल कप्यूटर, फिर भी लगी लाइनें
निसिंग/जुंडला। जुंडला अनाज मंडी में भले ही दोनों गेटों पर दो दो गेटपास काटने की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन इसके बावजूद किसानों को लंबी कतारों की परेशानी झेलनी पड़ती है। मंडी में प्रवेश के लिए एनएच-709ए पर आधे किलोमीटर से भी अधिक दूर तक धान से भरे ट्रैक्टर खडे़ रहे। चार दिन पहले डीसी ने भी अपने दौरे के दौरान सड़कों पर वाहनों की कतारें देखी थी। मंडी में उठान प्रक्रिया तेज करने के आदेश दिए थे। सोमवार दोपहर में भी मंडी में प्रवेश के लिए धान से भरे ट्रैक्टरों की कतारे देखने को मिली। निसिंग मंडी में भी स्थिति ऐसी ही दिखी। जुंडला में हैफेड निरीक्षक मुनीष कुमार ने बताया कि मंडी में कुल एक लाख 95 हजार क्विंटल धान खरीदा है। एक लाख 55 हजार 592 क्विंटल उठान कर लिया है। देररात तक जारी रहेगा। डीएफएससी निरीक्षक गौरव अरोड़ा ने बताया कि अब तक 36 एमटी धान खरीदा है। जबकि 29 हजार एमटी उठान किया है। निसिंग में हैफेड निरीक्षक दर्शनलाल ने बताया कि कुल खरीद एक लाख पांच हजार क्विंटल की गई। जबकि उठान 82 हजार क्विंटल किया जा चुका है। डीएफएससी निरीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि मंडी में अब तक 51184 एमटी धान खरीदा है। जबकि 35302 एमटी धान का उठान कर लिया है। स्टेट वेयर हाउस निरीक्षक नीषू दहिया के अनुसार 19 हजार 850 एमटी धान खरीद है जबकि 16 हजार एमटी उठान किया जा चुका है।