करनाल। किसानों का धरना करनाल स्थित लघु सचिवालय के सामने वीरवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। हजारों की संख्या में किसान यहां डटकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते रहे। हरियाणा, पंजाब व उतर प्रदेश के विभिन्न जिलों से काफी संख्या में किसानों ने करनाल में पहुंचकर धरने पर हाजिरी भरी।
उधर, धरना स्थल पर किसानों ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन को तेज करने की भी चेतावनी दी है।
11 सितंबर को करनाल में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी। जिसमें मंथन के बाद करनाल के इस आंदोलन को लेकर कड़ा फैसला लिया जा सकता है। धरनास्थल पर मौजूद किसान नेताओं ने एसडीएम प्रकरण की न्यायिक जांच की भी मांग बुलंद कर दी है। किसान नेता सुरेश कौथ ने कहा कि किसानों की पूर्व मांगों के साथ-साथ किसान अब इस सारे प्रकरण की न्यायिक जांच भी चाहते हैं। लेकिन उससे पहले सरकार को वायरल वीडियो में लाठीचार्ज की बात करने वाले एसडीएम पर केस दर्ज करना होगा।
सात सितंबर को करनाल की नई अनाज मंडी में किसान महापंचायत के बाद करीब छह किलोमीटर का पैदल मार्च निकालते हुए किसान लघु सचिवालय के सामने अपनी मांगों के समर्थन में बेमियादी धरने पर बैठ गए थे। यह किसान महापंचायत 28 अगस्त को करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में हुई थी।
वीरवार को भी किसानों की मांग पर प्रशासन का कोई जवाब नहीं आया। धरनास्थल पर किसान नेताओं ने बुधवार को किसानों और अफसरों के बीच हुई वार्ता के सभी बिंदू किसानों के समक्ष रखे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सुरेश कौथ ने कहा कि बुधवार को जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में किसान नेताओं ने कई बिंदूओं पर नरमी भी बरती थी, मगर प्रशासनिक अफसर अड़े रहे।
उनके अनुसार एसडीएम आयुष सिन्हा पर एफआईआर दर्ज कर न्यायिक जांच करवाने की मांग पूरी होने पर करनाल से पड़ाव उठ सकता है। कौथ ने कहा कि यदि सरकार मृतक किसान के आश्रितों को मुआवजा नहीं भी देगी, तो किसान स्वयं मिलकर इस पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने को भी तैयार हैं। लेकिन लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अफसर और करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी पड़ेगी।
सैकड़ों वाहनों का जत्था करनाल पहुंचा
करनाल में डटे किसानों को समर्थन देने के लिए पंजाब से आए उगराहां किसान सभा के प्रमुख जोगिंद्र सिंह उग्राहां भी विशाल जत्थे के साथ करनाल पहुंचे। उनके साथ सैकड़ों वाहनों में हजाराें किसान बड़े-बड़े झंडे लेकर धरनास्थल पहुुंचे तो किसानों में अलग ही जोश दिखाई दिया। उधर, हरियाणा और पश्चिमी उतर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में किसान बसों, जीप, ट्रैक्टरों, कारों, मोटरसाइकिलों व अन्य वाहनों पर करनाल किसानों का साथ देने पहुंचे हुए थे। इस दौरान शहर का यातायात भी खासा प्रभावित रहा।