संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रेलगाड़ियों को कोरोना काल से पूर्व के नंबरों पर फिर से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। रेल मंत्रालय ने देशभर में 3110 गाड़ियों के लिए यह प्रक्रिया 14 से 21 नवंबर तक की थी जिसके चलते कुछ गाड़ियों की रात को छह घंटे ऑनलाइन रिजर्वेशन भी बंद रखी गई थी। करनाल-दिल्ली मार्ग की लगभग सभी गाड़ियां जिनके कोरोना काल में विशेष नंबर जारी किए गए थे उन्हें अब पूर्व के नंबरों से ही चलाया जाएगा। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गाड़ियों में सामान्य श्रेणी का किराया कब से लागू होगा।
स्थानीय यात्रियों को उम्मीद है कि एक दिसंबर से सामान्य श्रेणी की टिकट भी मिलने लगेगी, क्योंकि करनाल-दिल्ली मार्ग पर अप-डाउन की कुल 52 गाड़ियों में से केवल दो गाड़ियों के ही अनारक्षित श्रेणी के टिकट मिल रहे हैं। अब रेलवे ने इस रूट की कई गाड़ियों का एक दिसंबर के बाद की तिथियों में आरक्षण बंद कर दिया है। अब उम्मीद है कि चरणबद्ध तरीक से कोरोना काल से पूर्व की स्थिति बहाल हो जाएगी, वहीं यात्रियों में यह भी असमंजस की स्थिति है कि सभी गाड़ियों में सामान्य टिकट से सफर की सुविधा कब से मिलेगी।
इन गाड़ियों का आरक्षण किया बंद
रेल यात्री संघ के पदाधिकारी अंशुल नारंग ने बताया कि 14217/18 ऊंचाहार एक्सप्रेस, 14507/08 बठिंडा एक्सप्रेस, 14011/12 होशियारपुर एक्सप्रेस, 14033/34 उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस व 14553/54 हिमाचल एक्सप्रेस गाड़ी के लिए एक दिसंबर के बाद से आरक्षण नहीं हो रहा है। उम्मीद है कि एक दिसंबर के बाद इन गाड़ियों में सामान्य डिब्बा उपलब्ध होगा और सामान्य श्रेणी की टिकट मिलेगी। दिल्ली के लिए डेली पैसेंजर को यह गाड़ियां बहुत मुफीद हैं। कोरोना काल से इन गाड़ियों में केवल आरक्षित श्रेणी से ही सफर कर रहे हैं।
14 से 21 नवंबर तक देश भर में 3110 गाड़ियों को अपडेट किया गया है। कोरोना काल में इन गाड़ियों के जो विशेष नंबर बनाए थे उनकी जगह पूर्व के नंबर कर दिए हैं। विशेष का दर्जा हटाने से ऐसी संभावना है कि आगे सामान्य श्रेणी की टिकट मिलेगी।
- एमएस मीणा, स्टेशन अधीक्षक, करनाल
गाड़ियों में फिर शुरू होगी पेंट्री कार
रेल मंत्रालय ने मंगलवार को राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, तेजस व गतिमान ट्रेन में पके हुए खाने की सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। मंत्रालय ने इस बाबत पत्र जारी कर दिया है। मार्च 2020 में कोरोना काल में लॉकडाउन लगने से रेलवे संचालन बंद हो गया था। उसके बाद जब गाड़ियां चलाई तो पेंट्री बंद कर दी थी।