- प्रीत पैराडाइज बैंक्वेट हॉल में दो दिवसीय प्रभु कृपा दुख निवारण समागत का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालु
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भगवान शिव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण-मां राधा का तपनी विज्ञान यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, समाधि से करोड़ गुणा शक्तिशाली है। कलियुग में सभी समस्या का समाधान तपनी विज्ञान से है। इससे गरीब महाधनवान, अनपढ़ महाविद्वान और शक्तिहीन महाशक्तिवान बन गए। यह अष्टांग योग से करोड़ गुणा शक्तिशाली है। इसके जानने मात्र से परमानंद आ जाता है। सभी कार्य सफल हो जाते हैं। ये उद्गार महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने सेक्टर-29 स्थित प्रीत पैरेडाइज बैंक्वेट में आयोजित प्रभु कृपा दुख निवारण समागम में व्यक्त किए।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित समागम में महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने कहा कि जन्माष्टमी को शास्त्रों में मोहरात्रि कहा गया है। नारायण सोलह कलाओं के साथ इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। अपनी समस्त शक्तियों के साथ इस पृथ्वी पर आए थे। जितनी भी गोपियां थीं, वे पूर्व जन्म के संत थे। इसी प्रकार मां राधा भी नारायण का ही दूसरा रूप हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि केवल तपनी विज्ञान से ही हो सकते हैं। तपनी विज्ञान को विश्व के बड़े-बड़े देशों ने मान्यता प्रदान की है।
भगवान शिव ने कहा कि भगवती दुर्गा के पाठ से तुरंत मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस पाठ के बिना धन, यश, मुक्ति कुछ नहीं मिलेगा। हर समस्या, दुख, कष्ट एवं रोग का समाधान मां राधे के पाठ से होता है। मां दुर्गा ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश को बनाया है। तारे, पृथ्वी, आकाश, सूर्य और समस्त ब्रह्मांड को बनाने वाली मां दुर्गा ही है। मां दुर्गा ने ही भगवान विष्णु को पालन, भगवान ब्रह्मा को सृजन और भगवान शिव को संहार करने के लिए नियुक्त किया। जो कृष्णपक्ष की अष्टमी और चतुर्दशी को अपना सब कुछ मां दुर्गा के चरणों में समर्पित करके प्रसाद रूप में ग्रहण करता है, वह मां की कृपा का पात्र बन जाता है। जिन असाध्य रोगों का इलाज आधुनिक मेडिकल साइंस में नहीं है, वह मां दुर्गा के सहज एवं सरल पाठ से ठीक हो गया।
भगवान श्री लक्ष्मी नारायण धाम के महासचिव सुशील वर्मा गुरुदास ने कहा कि भारतीय सनातन शक्ति और संत परंपरा का पूरे विश्व में सम्मान हो रहा है। कलियुग में परम पूज्य ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी को काशी विद्वत परिषद एवं सप्त ऋषियों ने महाब्रह्मर्षि की उपाधि से अलंकृत किया है। उन्हें मास्टर ऑफ बीज मंत्र एवं एवं स्काॅलर ऑफ स्प्रिचुअल साइंस का अवाॅर्ड दिया है। 17 से 25 जून तक अमेरिका की अद्भुत जनकल्याण यात्रा विश्व के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो गई। अमेरिका सरकार न्यूजर्सी के अध्यक्ष सहित 40 सीनेटर और न्यूजर्सी के 80 असेंबलीमैन ने एक रेजुलेशन पास करके महाब्रह्मर्षि कुमार स्वामी का अद्भुत सम्मान किया।