करनाल। जिले में रविवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने गर्मी को धो डाला। शहर में बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वे फुहारों का आनंद लेने के लिए घरों से बाहर निकल गए। पिछले 24 घंटे की तुलना में अधिकतम तापमान में 4.2 व न्यूनतम तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस गिरावट आई। कुछ क्षेत्रों में धान के खेत पानी से लबालब हो गए और किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई। करनाल शहर में 36.6 एमएम वर्षा दर्ज की गई है।
इंद्री खंड के कई गांवों में अच्छी बारिश से गहराई वाले खेतों में पानी मेड़ से ऊपर बहने लगा। वहीं कुंजपुरा खंड के यमुना से लगते गांवों में हल्की बारिश रही। इस बारिश ने धरती पर हरियाली बढ़ाने का काम किया है। धान, गन्ना और चारे की फसलों को फायदा होगा। धान रोपाई में पीछे रह रहे असंध, नीलोखेड़ी, निगदू क्षेत्र में रोपाई कार्य अब रफ्तार पकड़ेगा।
कृषि विभाग के पूर्व तकनीकी अधिकारी डॉ. एसपी तोमर ने कहा कि यह बारिश फसलों के लिए बहुत फायदेमंद होगी। इसके अलावा वनस्पति लहलहा उठी है। जिले में पौधरोपण कार्य चल रहा है। वर्षा होने से पौधे अच्छी बढ़वार करेंगे। सब्जी की बेल वाली फसलों पर असर पड़ सकता है। वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान है कि 14 जुलाई तक जिले में किसी भी समय बादल और बूंदाबांदी के आसार बने रहेंगे। 15 व 16 जुलाई को हल्के बादल और कहीं-कहीं पर हल्की छींटे पड़ने की संभावना हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री के बीच व न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास संभावित है।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डीएस बुंदेला के अनुसार रविवार को 36.6 एमएम वर्षा दर्ज की गई। इस महीने अब तक 57.8 एमएम और इस वर्ष अब तक 344.6 एमएम वर्षा हो चुकी है। रविवार को अधिकतम तापमान 30.2 व न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी सुबह 92 प्रतिशत व दोपहर 87 प्रतिशत, वाष्प दाब 27.2 एमएम, हवा की औसत गति सुबह 9.0 व दोपहर को 5.1 किलोमीटर प्रति घंटा रही। एक दिन पूर्व शनिवार को अधिकतम तापमान 34.4 व न्यूनतम 28.0 डिग्री सेल्सियस था। पिछले वर्ष 10 जुलाई को अधिकतम तापमान 34.8 व न्यूनतम 28.6 डिग्री सेल्सियस था।
फोटा-310
पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई जगहों पर जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। शहर में कई दिन से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को रविवार को दोपहर बाद झमाझम बारिश होने पर गर्मी से राहत महसूस हुई। बारिश में बच्चों ने भीगकर पूरा लुत्फ उठाया। वहीं बाजार में पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई जगहों पर जलभराव हुआ। जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहरवासियों का कहना है कि नगरपालिका प्रशासन बारिश से पूर्व तक पानी की निकासी के बंदोबस्त नहीं कर पाया।
रविवार दोपहर बाद अचानक बारिश से शहर की गलियां पानी से लबालब हो गईं। मुख्य बाजार और तकिया बाजार सहित अन्य जगहों पर समय पर पानी की निकासी नहीं हुई। दुकानदारों को डर सता रहा था कि कहीं शटर के नीचे से पानी दुकान में न घुस गया हो। सोमवार को बाजार खुलने पर वे दुकानों की स्थिति देखेंगे। दुकानदारों ने कहा कि नगरपालिका प्रशासन कई बार जल निकासी के पुख्ता प्रबंध करने का दावा कर चुका है लेकिन उचित समाधान नहीं किया। बारिश का पानी घरों और दुकानों में भर जाता है। जिससे दुकानदारों को काफी नुकसान सहना पड़ता है।