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बारिश की आढ़ में मुनाफे का खेल, मनमाफिक वसूल रहे रेट

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करनाल। मानसून की बारिश की आड़ में सब्जी के दामों में बिचौलियों द्वारा मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है। बारिश की वजह से स्थानीय स्तर पर उत्पादित होने वाली सब्जी की फसलें खराब हो गई हैं। केवल भिंडी की फसल ही बची है। जबकि नई सब्जी मंडी में पड़ोसी राज्य हिमाचल, उत्तरप्रदेश व राजस्थान से सब्जियों की आवक पहले की तुलना में अधिक हो रही है। इसके बावजूद खुदरा विक्रेता उपभोक्ताओं से मनमाफिक रेट वसूल रहे हैं। जबकि पड़ोसी राज्यों से आने वाली सब्जी की थोक में बिक्री और खुदरा मूल्यों में काफी असमानता है।
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सब्जी मंडी में आवक का आंकड़ा
सब्जी 12 जुलाई एक अगस्त
(क्विंटल) (क्विंटल)
घीया 97 108
फूल गोभी 24 74
बंद गोभी 46 86
भिंडी 35 29
करेला 10 15
तोरी 10 35
शिमला मिर्च 30 22
टमाटर 147 287
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मंडी में इस भाव बिकी किसान की सब्जियां
सब्जी 12 जुलाई एक अगस्त दो अगस्त
(रुपये) (रुपये में) खुदरा भाव रुपये में
घीया 18 से 20 16 से 20 30
फूल गोभी 20 से 35 12 से 30 50
बंद गोभी 6 से 14 7 से 16 25
भिंडी 14 से 18 20 से 23 40
करेला 14 से 16 18 से 20 40
तोरी 14 से 16 25 से 30 40
शिमला मिर्च 8 से 30 20 से 30 50
टमाटर 7 से 14 14 से 20 30 से 50
गोभी व टमाटर की 95 प्रतिशत आवक हिमाचल से हो रही है। घीया व तोरी उत्तरप्रदेश तथा राजस्थान से कद्दू आ रहा है। स्थानीय स्तर पर केवल भिंडी की आवक हो रही है। सब्जियों की आवक में कोई कमी नहीं है।
-सुरेश कुमार, लेखाकार, मार्केट कमेटी करनाल
खरीफ सीजन में मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान की जगह 2500 एकड़ में सब्जियां लगाने का लक्ष्य था। 1760 एकड़ का लक्ष्य पूरा हो गया था। भारी बारिश व जलभराव से सब्जी की फसलें खराब हो गई हैं। इस बाबत विभागीय मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी है।
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-डा. मदनलाल, जिला उद्यान अधिकारी
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