संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नीलोखेड़ी की हैफेड कालोनी निवासी पीड़ित परिजनों की मानें तो आरोपी अमन अक्सर नशे में तेज गति से उनके घर के सामने से कार लेकर जाता था, जिसे लेकर वे पिछले एक साल से आपत्ति जता रहे थे। इसे लेकर कई बार विवाद भी हुआ, लेकिन आरोपी नहीं माना, जिसकी कीमत उन्हें दो लोगों की मौत से चुकानी पड़ी है। वहीं चार अन्य परिजन अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
पीड़ित परिजनों के अनुसार तेज गति से कार चलाने का यह मामला पिछले एक साल से चल रहा था। एक साल पहले जब पीड़ित परिवार ने आरोपी अमन के पिता बलविंद्र को यह शिकायत की थी कि उसका बेटा अमन उनके घर के आगे से तेज रफ्तार से कार को ले जाता है तो अगले दिन ही अमन ने कार की टक्कर पीड़ित परिवार के घर के बाहर खड़ी कार को मार दी थी। इस दौरान भी दो बच्चे हादसे का शिकार होने से बच गए थे। तभी से पीड़ित परिवार को डर था कि आरोपी अमन किसी भी घटना को अंजाम दे सकता है। वह अमन को बार-बार समझा रहे थे कि वह कार को धीमी गति से घर के आगे से लेकर जाए, यदि उसे कार को तेज गति से चलाना है तो वह जीटी रोड पर चला सकता है, लेकिन अमन ने नहीं सुनी और 10 अक्तूबर को कार चढ़ाकर दो लोगों की जान ले ली और परिवार के चार लोगों को जख्मी कर दिया।
भाई गया हुआ है ऑस्ट्रेलिया
आरोपी अमन का बड़ा भाई अमित ऑस्ट्रेलिया में है और उसका पिता बस चालक है। बताया जा रहा है कि आरोपी अमन का भाई विदेश से पैसे भेजता है। फिलहाल अमन और उसका पिता दोनों फरार है, जिनकी पुलिस को सरगर्मी से तलाश है।
फेसबुक प्रोफाइल पर डाला वीडियो... मित्रा नू शोक गोलियां चलों दा
आरोपी अमन चौधरी के नाम से फेसबुक पर एक आईडी बनाई गई है, जिसमें अमन ने एक फोटो पोस्ट की हुई है। उसके हाथ में बड़ा चाकू है। इनता ही नहीं उसने मित्रा नू शोक गोलियां चलों दा जैसे गानों पर भी वीडियो बनाई हुई है। वहीं चिंता मत करो मैं अपने आप से ज्यादा नफरत करता हूं, जितना तुम मुझसे नफरत करते हो जैसी पोस्ट भी डाली हुई है।