माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। युवक की हत्या के मामले में परिजनों ने दूसरे दिन भी शव नहीं उठाया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। वीरवार को परिजनों ने हंगामा कर दो बार सड़क जाम करने का प्रयास किया। पुलिस ने दोनों बार चेन बनाकर उन्हें सड़क की तरफ जाने से रोक दिया। मौके पर पहुंचे एएसपी, डीएसपी और ड्यूटी मजिस्ट्रेट रोडवेज डिपो के जीएम भी उन्हें समझाने में विफल रहे। पुलिस ने उन्हें जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। किया। परिजन मृतक प्रदीप की हत्या के मामले में कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।
वीरवार सुबह 11 बजे तक परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई का इंतजार किया। दोपहर 12 बजे महाराजा अग्रसेन चौक की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान मेडिकल कॉलेज की कैंटीन के नजदीक पुलिस ने चेन बनाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक लिया। करीब 25 मिनट तक परिजनों व उनके साथ आए अन्य लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर डीएसपी मुकेश कुमार और रोडवेज जीएम कुलदीप सिंह के समझाने पर वे शांत हो गए। दोपहर बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो वे साढ़े पांच बजे फिर सड़क की ओर बढ़ने लगे। तब भी पुलिस ने उन्हें रोक लिया। आश्वासनों के बावजूद परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। उन्होेंने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक वह शव नहीं उठाएंगे।
ये है मामला
मृतक के चाचा राजेश ने बताया कि प्रदीप हलवाई का काम करता था। हलवाई के काम के लिए वह सैनी टेंट हाउस से बर्तन लेता रहता था। 15 दिन पहले लिए कुछ बर्तन वह वापस नहीं दे सका। इसको लेकर उनके बीच तकरार चल रही थी। आरोपियों ने उस पर बर्तन बेचने व चोरी का भी आरोप लगाया। सात जनवरी को टेंट वाले दीपू और राजिंद्र हलवाई प्रदीप को घर से बुलाकर गोदाम में ले गए। वहां पर उसके साथ मारपीट कर दी जिससे उसके सिर में चोट आई थी। परिजन उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाए थे। जहां उसकी मंगलवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस मामले में अभी एक आरोपी को हिरासत में लिया है। जांच में जो दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया था।
- मुकेश कुमार, डीएसपी