करनाल। पिछले कुछ समय में करनाल में कई परियोजनाओं के शुरू होने से हालात में खासा बदलाव आया है। अभी संसाधनों की मजबूती पर काम चल रहा है। आने वाले समय में व्यवस्था स्मार्ट होगी। संकट के समय में एक क्लिक पर मदद और जरूरत पर सरकारी सुविधा शहर के हर व्यक्ति को मिल सकेगी। स्मार्ट सिटी के तहत ऐसी व्यवस्था की जा रही है, यह बात उपायुक्त एवं स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ निशांत कुमार यादव ने कही।
अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम के तहत हुई विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत 192 करोड़ रुपये के 33 प्रोजेक्ट अब तक शुरू हुए हैं, जिनमें से 16 प्रोजेक्ट पर काम पूरा हो चुका है, जबकि 174 करोड़ के 17 प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य चल रहा है, जिनके नए साल तक पूरा होने की उम्मीद है।
उपायुक्त ने कहा कि हर चौक चौराहे पर तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब यहां इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी स्थापित किया जा रहा है, जिसका एक बटन दबाने से लोगों को संकट में मदद मिलेगी। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए भी स्मार्ट सिटी के आईसीसीसी प्रोजेक्ट में चालानिंग के माध्यम से कार्य किया जाएगा। वहीं आकर्षक क्योस्क के माध्यम से ऑनलाइन सरकारी सुविधाओं का लाभ भी लिया जा सकेगा। लोग स्वयं इसके तहत जरूरी कार्य कर सकेंगे।
करनाल को दो किश्तों में 270 करोड़ मिल चुके
करनाल को स्मार्ट बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पैसा खर्च कर रही है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि कुल 1170 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। अभी तक दो किश्तों में 270 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इनमें से 19.7 करोड़ के काम पूरे हो चुके हैं। जबकि 174 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
इतिहास को सहेजना, पर्यटन स्थल बनाना है सपना
करनाल ऐतिहासिक शहर है। चाहे महाभारत काल की बात हो या ब्रिटिश एवं मुगल काल की। हर काल की निशानियों को करनाल अपने में सहेजे हुए है। उपायुक्त का कहना है कि इन निशानियों को पुराने रूप के साथ ही नयापन देते हुए कार्य किया जा रहा है, ताकि करनाल का इतिहास भी सुरक्षित रहे और पर्यटन स्थल के रूप में भी उभरे।
इन प्रोजेक्ट पर चल रहा है काम-
- ऑक्सी पार्क बनाने, शहर व गांवों के पार्क में ओपन एयर जिम लगाने पर।
- कल्चरल कॉरिडोर में वॉकिंग स्ट्रीट तैयार हो रही है।
- आईसीसीसी के तहत, सिटी सर्विलांस, एक्शन टीम तैयार करना, सेफ्टी पिन एप, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, इंटिग्रेटेड कॉल सेंटर, ऑनलाइन सेवाओं के लिए क्योसक, यातायात नियंत्रण आदि।
- पश्चिमी यमुना नहर का सुंदरीकरण।
- सरकारी भवनों के बाहर वर्टिकल गार्डनिंग करके आकर्षक बनाना।
- नेशनल हाईवे-44 के सभी फ्लाईओवर का सुंदरीकरण।
- शहर की सड़कें सुदृढ़ एवं मजबूत होंगी।
2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं निशांत
उपायुक्त निशांत कुमार यादव राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले हैं। आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की। इसके बाद वर्ष 2013 में भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में 102 रैंक हासिल किया। पहली पोस्टिंग दिसंबर 2015 में सोनीपत के एसडीएम के रूप में हुई। जुलाई 2017 में उन्होंने करनाल में एडीसी के रूप में पहली बार कार्य संभाला। इसके बाद 2019 में नगर निगम के आयुक्त के रूप में भी जिम्मेदारी मिली। कोरोना काल में लॉकडाउन का पालन कराना और सभी के सहयोग से दोनों लहर में स्थिति पर नियंत्रण पाना वे अपनी बड़ी उपलब्धि मानते हैं।