हरियाणा के करनाल शहर के विभिन्न बाजारों में दुकानदारों की ओर से अपनी दुकानों के आगे की सड़क को निजी संपत्ति समझते हुए रेहड़ी-फड़ी वालों को किराये पर दिया जा रहा है। इसके एवज में उनसे किराये के रूप में हजारों रुपये वसूले जाते हैं। सड़क पर रेहड़ी-फड़ी लगने के कारण बाजारों की सड़कें संकरी हो जाती हैं और आमजन को जाम से परेशान होना पड़ता है।
दबी आवाज में लोगों ने बताया कि दुकानों के आगे की जगह को दुकानदार रेहड़ी-फड़ी वालों को 10 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से किराये पर देते हैं। वहीं, इतने किराए में कर्ण गेट मार्केट में महीने के चार रविवार को ही रेहड़ियां लगाने दी जाती हैं।
500 मीटर के रास्ते को पैदल पार करने के लिए औसतन पांच मिनट लगते हैं, लेकिन कर्ण मार्केट सहित अन्य बाजारों में इतने ही लंबे रास्ते को पार करने के लिए बाइक और कार में भी लोगों के 20 मिनट खराब हो जाते हैं।
शाम तक तो हालात अधिक बदतर हो जाते हैं। रेहड़ी-फड़ी वाले ही सड़कों पर कब्जा करके बैठे होते हैं जिससे पैदल निकलने की भी जगह नहीं बचती। - रवि अरोड़ा
बाजारों में दुकानदार तो रेहड़ी वालों से किराया वसूल कर बैठ जाते हैं लेकिन सड़कें संकरी पड़ने से आमजन को परेशानी भुगतनी पड़ती है। - सचिन कुमार
निगम की टीमें पुलिस प्रशासन के साथ मिल कर समय-समय पर अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाती हैं। इनमें रेहड़ी-फड़ी वालों और दुकानदारों को जुर्माना भी लगाया जाता है। सोमवार को फिर से बाजारों में अभियान चलाया जाएगा। - धीरज कुमार, डीएमसी नगर निगम