माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रोड इंजीनियरिंग से जुड़े सात विभागों की वर्तमान में जिन सड़कों की हालत खराब है, उनमें से सभी ने अपनी एक-एक सड़क का चयन किया है। जिन्हें एक माह में मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। एक माह में सड़क की सभी खामियों को दूर करने के साथ -साथ यहां सड़क सुरक्षा के हर नियम की पालना भी सुनिश्चित की जाएगी। इसमें एनएचएआई के नेशनल हाईवे समेत शहर और गांव की कुल सात सड़कों का सड़क समिति की बैठक में चयन किया गया है।
शुक्रवार को हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सीएम के विशेष प्रोजेक्ट पर डीसी ने अधिकारियों को सावधानी और चुस्ती से काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि इन सड़कों को सुंदर और सुरक्षित बनाना लक्ष्य है। एसपी गंगाराम पूनिया ने कहा कि सड़कों की स्थिति का आंकलन पिछले साल हुए हादसों से तुलना करके किया जाएगा। ताकि पता चले कि सुधार के बाद कितने प्रतिशत हादसों में कमी आई है।
इस विभाग ने यह सड़क चुनी
- एनएचएआई : मधुबन पुलिस कांपलेक्स से लिबर्टी चौक तक।
- पीडब्लयूडी-1 : कैथल रोड पर चिढ़ाव मोड़ से मंजूरा तक।
- पीडब्लयूडी-2 : कुरलन से बाल पबाना तक।
- नगर निगम : नूर महल चौक से सेक्टर-12 मटका चौक और हरियाणा नर्सिग होम से सांई बाबा मंदिर तक।
- एचएसवीपी : नूरमहल से सेक्टर-32-33 डिवाइडिंग रोड फूसगढ़ तक।
- एचएसएएमबी : ओंगद से गोंदर तक।
- एचएसआईआईडीसी : एनएच-44 से सेक्टर-3 बजीदा रोड तक।
गड्ढामुक्त होने के अलावा सुरक्षा का भी रखा जाएगा ध्यान
मॉडल सड़कें जहां पूरी तरह से गड्ढा मुक्त होंगी। वहीं, इन पर सड़क सुरक्षा संबंधित हर बिंदू का ध्यान रखा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, मॉडल सड़कों पर हर जरूरी संकेतक, लाइट, रिफ्लेटर, रोड मार्किंग व स्पीड ब्रेकर होंगे। साथ ही जहां जरूरत होगी, वहां पर ट्रैफिक लाइटें भी लगाई जाएंगी।