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नए बस अड्डे पर पीछे से फुल होकर आ रही बसों में नहीं मिलती सीट

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202: नऐ बस स्टैन्ड पर लगी यात्रीयों की भीड़। अमर उजाला
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करनाल। प्रदेश में परिवहन विभाग बेड़े में बसों का घटना यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। यहां लंबी दूरी वाले मार्गों पर यात्री हरियाणा राज्य परिवहन विभाग की बसों में खड़ा होकर सफर करने पर विवश हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नए बस अड्डे पर नई दिल्ली व चंडीगढ़ की ओर से आने वाली बसें पीछे से भरकर आ रही हैं। इससे स्थानीय यात्रियों को बस में बैठने के लिए सीट नहीं मिल पा रही है। मजबूरन उनको 120 किलोमीटर तक का सफर खड़े होकर करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि करनाल नए बस अड्डे से दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए स्पेशल बसें चलानी चाहिए।
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नए बस अड्डे पर राज्य के हर डिपो की बस का ठहराव सुनिश्चित है। अलसुबह चार बजे से सुबह सात बजे तक करनाल से दिल्ली की ओर जा रही बसों की संख्या करीब आठ है। जबकि कोरोना काल से पूर्व यह संख्या 30 से अधिक थी। इस समयावधि में चंडीगढ़ की ओर करीब 14 बसें जाती हैं। प्रत्येक बस पीछे से ही भरकर बस अड्डे पर पहुंचती है। स्थानीय यात्री कभी बस के आगे तो कभी पीछे भागते हैं और सीट नजर नहीं आने पर निराश हो जाते हैं। सीट न मिलने पर उन्हें खड़ा होकर लंबा सफर तय करना पड़ता है। करनाल-यमुनानगर मार्ग की भी यही स्थिति है। 24 घंटे में यमुनानगर के लिए महज 20 जाती हैं। इस मार्ग की हर बस में खचाखच भीड़ रहती है।
चंडीगढ़ से प्रस्थान के बाद जिरकपुर व डेराबसी तक बस फुल हो जाती है। उससे आगे अंबाला, शाहबाद, पिपली, नीलोखेड़ी व तरावड़ी के बाद करनाल, घरौंडा व पानीपत की सवारियों को सीट नहीं मिलती। दिल्ली से बस चलने के बाद बहालगढ़ तक बसें फुल हो जाती हैं। गन्नौर, पानीपत व करनाल की सवारियों को खड़ा होकर सफर करना पड़ता है।
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कोट.............
प्रदेश में परिवहन विभाग के बेड़े में करीब 3000 बसें हैं। वर्ष 2014 में करीब 4250 बसें थी। पिछले सात साल में करीब 1250 बसें घट गई। जबकि केवल 150 मिनी बसें ही बेड़े में शामिल की गई। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम की करीब 700 बसें हैं। अब राज्य सरकार ने 809 बसों की चेसी खरीदी हैं। इनकी बॉडी बनने में समय लगेगा। छह महीने बाद ही ये नई बसें मार्गों पर आएंगी। राज्य के परिवहन बेड़े में छह हजार बसें हों तभी जनता को अच्छी सेवाएं दी जा सकती हैं।
- विनोद शर्मा, राज्य प्रधान, आल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन।
-प्रदेश के हर डिपो की ओर से छात्राओं के लिए बसें चलाई गई हैं। जहां से भी छात्राओं के लिए बस की मांग आ रही है उसे पूरा किया जा रहा है। सरकार ने विद्यार्थियों की परिवहन सेवा पर जोर दिया है ताकि उन्हें शिक्षण संस्थानों में आने-जाने में कोई दिक्कत न हो। दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए नए बस अड्डे पर बसों की कमी नहीं। जिस भी मार्ग पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी बस सुविधा बढ़ा दी जाएगी। करनाल में नगर निगम की छह बसें परिवहन विभाग के नाम करने की दस्तावेजी प्रक्रिया चल रही है। इन बसों की पासिंग होते ही शीघ्र इन्हें भी लड़कियों के लिए छोटे मार्गों पर चला दिया जाएगा।
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- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज करनाल डिपो।
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