सरकार की घोषणा के अनुसार वीरवार से कक्षा पहली से नौवीं तक के विद्यार्थियों के लिए भी स्कूल खुलेंगे। बुधवार शाम को विभाग की ओर से एसओपी जारी कर दी गई। जिसके तहत विद्यार्थियों को स्कूल में मिड डे मील नहीं मिलेगा। उन्हें घर से ही भोजन लेकर आना होगा। साथ ही शिक्षकों से डेढ़ घंटे पहले विद्यार्थियों की छुट्टी होगी। स्कूल सुबह नौ बजे खुलेगा। स्कूलों ने भी तैयारी पूरी कर ली है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा का कहना है कि जो विद्यार्थी स्कूल आएंगे, उन्हें कोरोना सुरक्षा के नियमों के तहत ही प्रवेश दिया जाएगा। किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। कोरोना के मामले बढ़ने पर पहली जनवरी से स्कूलों को बंद कर दिया था। ऐसे में आज 40 दिन बाद विद्यार्थी स्कूल आएंगे। पहली फरवरी से कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गए थे। जिले में हरियाणा बोर्ड और सीबीएसई के मिलाकर 1100 के करीब स्कूल हैं, जहां ढाई लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं।
ये है गाइडलाइन
- पहली डोज न लगवाने वाले विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिलेगा। (केवल 10वीं से 12वीं कक्षा के लिए)
- विद्यालय का समय अध्यापकों के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे और विद्यार्थियों के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक रहेगा।
- विद्यार्थी अपने साथ घर से दोपहर का भोजन लेकर आएंगे। मिड डे मील के तहत दिया जाने वाला राशन पूर्व की भांति वितरित किया जाएगा।
- विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन, मुख्यमंत्री दूरवर्ती शिक्षा जारी रखते हुए विद्यालय खोले जा रहे हैं।
- ऐसे विद्यार्थी जो ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े रहकर पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति रहेगी।
- विद्यार्थी अपने अभिभावकों की लिखित अनुमति मिलने पर ही स्कूल आएंगे।
- विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर कोई बाध्यता नहीं रहेगी, न ही किसी प्रकार का दबाव बनाया जाएगा। यह पूरी व्यवस्था अभिभावकों की सहमति पर ही निर्भर होगी।
सर्दी-जुकाम वाले बच्चे भेजे जाएंगे वापस
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन विद्यार्थियों को सर्दी जुकाम की शिकायत होगी। या स्वस्थ नहीं होंगे, उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं मिलेगा। कोरोना सुरक्षा को लेकर इस संदर्भ में सभी स्कूलों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। छोटे बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अनिवार्य नहीं है। जिले में तीन प्रतिशत किशोरों को अभी तक डोज नहीं लगी है।
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बढ़कर 50 प्रतिशत तक हुई उपस्थिति
पहली फरवरी से कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गए थे। शुरुआत में उपस्थिति केवल 20 से 25 प्रतिशत तक ही थी। अब उपस्थिति दर पहले से बढ़ी है। 50 प्रतिशत तक विद्यार्थी कक्षाओं में आने लगे हैं। अब छोटे बच्चों के स्कूल आने के बाद छात्रों में उपस्थिति दर में और इजाफा होगा।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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विद्यार्थियों और शिक्षकों में उत्साह
स्कूल खोलने को लेकर विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी कर दी है, इसी आधार पर स्कूल प्रबंधकों ने ऑफलाइन कक्षाएं लगाने की तैयारी की है। स्कूल खुलने को लेकर विद्यार्थियों के अलावा शिक्षकों में भी उत्साह है। करीब दो माह बाद परीक्षाएं भी हैं।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी