103: करनाल: आयुर्वेदिक ड्रग्स मैन्युफैक्चररस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अनूप भरद्वाज प्रेस वार्त?
करनाल। सैनिटाइजर उत्पादन करने वाली आयुर्वेदिक इकाइयों के लिए राहत भरी खबर है। उच्च न्यायालय ने सैनिटाइजर में इस्तेमाल होने वाले डी नेचरड अल्कोहल को आबकारी कोटे से मुक्त करने का आदेश दिया है। इससे सैनिटाइजर के उत्पादन में लागत कम आएगी। इससे दाम भी घटेंगे। ऐसे में लोगों को भविष्य में कम दाम में सैनिटाइजर मिलेगा। कोर्ट के आदेश से प्रदेश की 1247 आयुर्वेदिक इकाइयों को राहत मिली है।
आयुर्वेदिक ड्रग्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ हरियाणा (एडमाह) के प्रधान अनूप भारद्वाज ने बताया कि न्यायालय ने आदेशों को 60 दिनों के अंदर कार्यान्वित करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने सैनिटाइजर के निर्माण के लिए काफी समय पहले से आबकारी विभाग से इथाइल अल्कोहल की जगह डी नेचरड अल्कोहल देने की मांग की थी, लेकिन विभाग ने आयुष इकाइयों को इथाइल अल्कोहल का कोटा एवं परमिट लेने के लिए कई तरह की प्रक्रियाएं पूरी करने में उलझा दिया। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी और छोटी एवं मध्यम इकाइयों को सैनिटाइजर बनाने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। निर्णय आने के बाद एसोसिएशन के सदस्यों ने बुधवार को कार्यक्रम का आयोजन कर खुशी मनाई।
नियम हरियाणा में नहीं था लागू तो खटखटाया न्यायालय का दरवाजा
प्रधान अनूप भारद्वाज और वरिष्ठ उपप्रधान अशोक छाबड़ा ने बताया कि भारत सरकार ने अपने 14 मई 2016 के गजट नोटिफिकेशन में डी नेचरड अलकोहल को राज्य आबकारी विभाग के नियंत्रण से मुक्त कर दिया था, लेकिन अभी तक यह नियम हरियाणा में लागू नहीं था। 26 मई 2021 को एसोसिएशन ने प्रदेश के मुख्य सचिव से आग्रह करके डी नेचरड अल्कोहल पर राज्य सरकार द्वारा बनाई गई गाइड लाइन के बारे जानकारी मांगी। ताकि उसके आधार पर आबकारी विभाग से राहत मांगी जा सके। यहां से भी संतोषजनक जवाब न मिलने पर एसोसिएशन ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।