करनाल स्थित सैनिक स्कूल कुंजपुरा से पढ़े ऐसे विद्यार्थी जो आज भारतीय सेना में मेजर, कमांडर, कर्नल और जनरल सहित अन्य ऊच्च पदों पर पहुंच चुके हैं, वे 50 वर्ष बाद अपने दोस्तों से मिलेंगे और उस समय की यादों को ताजा करेंगे। सैनिक स्कूल के पूर्व छात्रों की एसोसिएशन द कुंजियंस ने उन्हें मिलने का यह मौका दिया है।
एसोसिएशन द कुंजियंस के राष्ट्रीय महासचिव राजेश सांगवान ने बताया कि सोशल मीडिया ने धीरे-धीरे सभी बिछुड़े दोस्तों को मिलाया। व्हाट्सएप पर एक दूसरे को जन्मदिन की मुबारकबाद देने से शुरू हुआ सफर पूर्व छात्र सम्मेलन तक आ पहुंचा है। 1993 में उनकी एसोसिएशन पंजीकृत हुई थी। शुरुआत में वही पूर्व छात्र कार्यक्रम में पहुंचते थे, जो उनके संपर्क में थे। आज व्हाट्सएप पर स्कूल से पढ़ चुके करीब 7500 पूर्व छात्र ग्रुपों में जुड़े हैं। उनके पास सभी की रोल नंबर के हिसाब से सूची है।
सैनिक स्कूल कुंजपुरा 1961 में शुरू हुआ था। अब तक स्कूल ने कई मेजर, कमांडर व कर्नल देश को दिए हैं। इनमें पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल दीपक कपूर, पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, सीनियर आईपीएस अफसर एसएस देसवाल, ओलंपियन कर्नल संत कुमार व एड गुरु प्रहलाद कक्कड़ का नाम प्रमुख है। जनरल दीपक कपूर 1963 में पास आउट होने के बाद एनडीए में चले गए थे। उन्होंने स्कूल के पहले साल 1961 में 9वीं कक्षा में दाखिला लिया था।
कार्यक्रम इस बार दो थीम पर रखा गया है। पहली थीम में 1971 की लड़ाई के योद्धाओं को सम्मानित किया जाएगा। जिनमें लेफ्टिनेंट जरनल डीडीए संधू और कर्नल मिलन चटर्जी सहित 12 अधिकारी शामिल हैं। दूसरी थीम में कोरोना योद्धाओं को लिया गया है। जिसमें हरियाणा और दिल्ली पुलिस व डॉक्टरों को लिया गया है। स्कूल में कोरोना संक्रमित हुए विद्यार्थियों के इलाज के लिए जुटे सात डॉक्टरों की टीम को इसमें शामिल किया गया है। सभी को सम्मानित किया जाएगा।
स्कूल प्रिंसिपल कर्नल विजय राणा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की जाएगी, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। इसके बाद पूर्व छात्रों और वर्तमान के विद्यार्थियों में रस्साकशी का रोमांचक मुकाबला होगा।