करनाल में कांग्रेस संगठन के गठन के लिए हो रही बैठक में रणदीप सुरजेवाला गुट के कार्यकर्ता पर्यवेक्षक के वापस जाने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। उनका आरोप था कि उन्हें संगठन के गठन के लिए बैठक की कोई सूचना ही नहीं दी गई। वहीं हुड्डा गुट के कार्यकर्ता भी आ गए और दोनों पक्ष भिड़ गए।
कांग्रेस की करनाल इकाई के गठन को लेकर लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में मंगलवार को बुलाई गई बैठक में में कांग्रेस की जिला स्तरीय बैठक में हुड्डा और सुरजेवाला समर्थकों में हाथापाई हो गई। हुड्डा गुट के खिलाफ सुरजेवाला गुट ने जमकर नारेबाजी की और मीटिंग में शामिल नहीं हुए। बाहर ही नारेबाजी करते रहे। हैरानी की बात है कि येबसब राज्य पर्यवेक्षक की मौजूदगी में हुआ।
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रणदीप सुरजेवाला गुट के कार्यकर्ताओं को बैठक की जानकारी नहीं दी थी
जिले में कांग्रेस संगठन के गठन के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह 10 बजे से ही विश्राम गृह में पहुंचना शुरू हो गए थे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के समन्वयक योगराज भदौरिया, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के समावायक जरनैल सिंह और एसएल शर्मा के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और राष्टीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला के समर्थक पहुंचे। बैठक में आने के बाद रणदीप सुरजेवाला गुट के कार्यकर्ता पर्यवेक्षक के वापस जाने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। उनका आरोप था कि उन्हें संगठन के गठन केलिए बैठक की कोई सूचना ही नहीं दी गई। यहां पहुंचते ही नारेबाजी शुरू कर दी।
राज्य पर्यवेक्षक के वापस जाने की मांग करते हुए की नारेबाजी
सुरजेवाला गुट के समर्थको का विरोध देखते हुए हुड्डा गुट से पूर्व विधायक राकेश कंबोज आ गए। उन्होंने नारेबाजी करने से मना किया, जिसपर सुरजेवाला गुट के समर्थकों का पारा चढ़ गया। नोकझोक शुरू हिनौर देखते ही देखते नौबत हाटहपाई था पहुंच गई। हुड्डा गुट के बाकी कार्यकर्ता भी आ गए और दोनों पक्ष भिड़ गए।
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करीब 15 मिनट तक चले हंगामे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दोनो पक्षों को समझाया। जिसके बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद भी सुरजेवाला गुट के कार्यकर्ता मौके पर जमा रहे और नारेबाजी कर बैठक में नहीं बुलाए जाने का विरोध करते रहे।