संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अमेरिका जाने का सब्जबाग दिखाकर युवकों से 54.90 लाख रुपये ठग लिए। इंद्री हलके के कलरी जागीर गांव निवासी अनुराग व बलवंत ने इंद्री थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी एजेंट उत्तरप्रदेश के फैजाबाद के जैन मंदिर चौराहा रायगंज के समीप रहने वाले अजरस पीयूष, हाल निवासी गोमती नगर लखनऊ और अमित गिल निवासी एक्सयू-3बी नजदीक शिव मंदिर गौतमबुद्धनगर उत्तरप्रदेश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
कबड्डी खिलाड़ी अनुराग जून-जुलाई 2021 में एमबी पटेल कॉलेज की ओर से गुजरात के अहमदाबाद में कबड्डी खेलने गया था। उसकी प्रतियोगिताएं 24 दिसंबर 2021 को होनी थी। वह सितंबर में गुजरात पहुंचा और होटल माही में ठहरा। अभ्यास के दौरान चोटिल होने पर वह वहीं के अस्पताल से उपचार ले रहा था। होटल में उसकी मुलाकात अजरस पीयूष नामक व्यक्ति से हुई। उसने चोट के कारण उसकी मदद की। इसी दौरान अजरस ने अनुराग को बताया कि वह विदेश भेजने का काम करता है। उसने अनुराग को कई दस्तावेज दिखाकर सब्जबाग दिखाए।
अनुराग ने अपने गांव के रिश्ते में चाचा बलवंत को एजेंट के बारे में बताया। बलवंत ने अपने बेटे जतिन को विदेश भेजने की इच्छा जाहिर की। अजरस ने बलवंत से बात कर विदेश भेजने और अच्छी कमाई का लालच दिया। बलवंत बेटे को 20 लाख रुपये में अमेरिका भेजने के लिए राजी हो गया।
यही नहीं बलवंत ने अपनी ससुराल यमुनानगर जिले के रादौर क्षेत्र के अलाहर गांव में एजेंट के बारे में बताया। अलाहर गांव से भी चार लड़के तेजिंद्र, मेजर, पंकज व पंकज पुत्र प्रेमपाल भी विदेश जाने के लिए तैयार हो गए। बलवंत ने जतिन को विदेश भेजने के लिए 14 लाख रुपये में से 6.20 लाख रुपये अनुराग के खाते से अजरस को दे दिए। इसके अलावा 7.80 लाख रुपये की राशि और इन चारों लड़कों के लिए 40.90 लाख रुपये की नकदी अजरस को कलरी जागीर गांव में ही दी। उनका कहना है कि राशि लेने के लिए अजरस उनके गांव आया था। इस तरह से अजरस के पास 54.90 लाख रुपये की राशि चली गई। बाकी रकम काम होने के बाद देने का वादा किया गया।
अलाहर गांव के ये चारों लड़के अन्य लड़कों के छह पासपोर्ट भी ले आए थे। उन्होंने वादा किया था कि वे भी काम होने के बाद पैसे दे देंगे। इस प्रकार अजरस को 54.90 लाख रुपये व 11 पासपोर्ट दे दिए गए। अजरस ने उन्हें यह भी बताया कि उसके साथ एजेंट अमित गिल भी काम करता है। उसने अमित गिल के कोटक महिंद्रा बैंक ग्रेटर नोएडा के खाता नंबर के दो खाली चेक सिक्योरिटी के तौर पर अनुराग को दिए।
15 फरवरी 2022 को अजरस ने अनुराग को फोन कर कहा कि दो-तीन आदमी हमारे पास मुंबई ले आओ। 22 फरवरी 2022 को यूएसए के लिए फ्लाइट बुक हो चुकी है। अनुराग, जितेंद्र व पंकज फ्लाइट से मुंबई पहुंचे। तीनों की टिकट अजरस ने ही बुक करवाने की बात कही थी।
16 फरवरी 2022 को अनुराग, जितेंद्र व पंकज चंडीगढ़ से बाई एयर मुंबई चले गए और वहां पहुंचकर अजरस के तीनों फोन नंबरों पर बात की। वाट्सएप मैसेज भी भेजे लेकिन सभी फोन स्विच ऑफ हो गए। वे दो दिन तक इंतजार करते रहे लेकिन अजरस नहीं आया। निराश होकर तीनों युवक 18 फरवरी 2022 को दिल्ली आए। दिल्ली में उनके साथी पंकज व मेजर ने गाड़ी मंगवाई और पांचों युवक वापस रादौर पहुंचे। जहां बलवंत को बुलाया गया। पंकज, मेजर, जितेंद्र व दूसरे पंकज ने अपनी तसल्ली के लिए अनुराग व बलवंत से सौ रुपये के दो खाली शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर करवाए। तीन खाली चेक पर भी बलवंत के हस्ताक्षर करवाकर ले लिए।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने दोनों एजेंटों का काफी इंतजार किया लेकिन फोन बंद रहते हैं। आरोपी अमित गिल का फोन खुला है बावजूद इसके वह भी बात नहीं कर रहा। दोनों एजेंटों ने साजिश के तहत उनको फंसाया। वह गरीब परिवार से है और जो राशि पंकज, मेजर व अन्य से लेकर अजरस को कलरी गांव में दी थी उसे वापस करवाने में असमर्थ है।