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रोडवेज 1

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फोटो-5 व 6
पहली 809 रोडवेज बसें सड़कों पर उतरी नहीं, दो हजार और खरीदने की तैयारी
-प्रथम चरण में इस साल एक हजार रोडवेज बसें खरीदेगी राज्य सरकार
- 250 मिनी बसें और 50 वोल्वो बसों को शामिल किया जाएगा
सुरेश सैनी
यमुनानगर। रोडवेज की पहली 809 बसें सड़कों पर उतरी नहीं और दो हजार और नई बसें हरियाणा सरकार खरीदने की तैयारी में जुट गई है। प्रथम चरण में इस साल एक हजार बसें खरीदी जाएंगी। इनमें 250 मिनी और 50 वोल्वो बसें शामिल हैं। फिलहाल सरकार एक हजार बसों को टेंडर लगाएगी।
इस बार खास बात यह होगी की यह बसें गुरुग्राम एचआरईटीसी में तैयार करने की बजाए रोडवेज बस की शेप (बनावट) की तरह निजी कंपनियों से खरीदेगी। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि इन बसों की खरीद के लिए मुख्यमंत्री से मीटिंग में भी चर्चा हो चुकी है। बता दें साल 2021 में सरकार ने 809 बसों की चेसिस को खरीदा है। ये बसें गुरुग्राम के एचआरईटीसी में तैयार हो रही हैं। सूत्रों के अनुसार एचआरईटीसी में स्टाफ की कमी होने के चलते बसों को तैयार करने का कार्य काफी धीमा चल रहा है।
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प्रदेश में किस डिपो में कितने बसें
मौजूदा समय में रोडवेज डिपो में कुल 3388 बसें हैं। इनमें 2916 बसें ऑनरूट हैं। आंकड़ों के मुताबिक चंडीगढ़ डिपो में 94, पानीपत डिपो में 132, दिल्ली डिपो में 124, पलवल डिपो में 89, रोहतक डिपो में 196, रेवाड़ी डिपो में 147, अंबाला डिपो में 179, यमुनानगर डिपो में 130, हिसार डिपो में 225, कैथल डिपो में 109, सिरसा डिपो में 168, पंचकूला डिपो में 134, नारनौल डिपो में 119, फरीदाबाद डिपो में 121, गुरग्राम डिपो में 176, भिवानी डिपो में 144, कुरुक्षेत्र डिपो में 143, जींद डिपो में 163, फरीदाबाद डिपो में 154, सोनीपत डिपो में 177, चरखी दादरी डिपो में 133, नूह डिपो में 81 और झज्जर डिपो में 163 बसें हैं।
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20 लाख से अधिक यात्री करते हैं सफर
मौजूदा समय में राज्य की 3388 बसों में करीब 20 लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं। वहीं रोडवेज के बेड़े में एक हजार बसें शामिल होती हैं तो यात्रियों को काफी राहत मिलेगी साथ ही विभाग की आमदनी भी बढ़ जाएगी। पिछले काफी समय से राज्य में बसों की संख्या कम होने से विभाग भी घाटे में चल रहा है। वहीं रही कसर को कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन ने पूरी कर दी थी। इस दौरान प्रदेश की तमाम बसें डिपो में खड़ी कर दी गई थी।
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वर्जन
हमारा काम जनता को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है और रोडवेज बस गरीब का रथ है। लोगों को दूसरे वाहनों में धक्के न खाने पड़े। इसी सोच के साथ इसी साल रोडवेज बसों के बेड़े में एक हजार बसें बढ़ाई जाएंगी। जबकि टारगेट दो हजार बसों का खरीदने का है। प्रथम चरण में एक हजार बसों का टेंडर लगाया जाएगा। इन बसों में 250 बसें मिनी और 50 बसें वोल्वो होंगी।
-मूलचंद शर्मा, परिवहन मंत्री।
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