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राइस मिलर्स की हड़ताल वापस, छह लाख क्विंटल हुई खरीद

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। ऑनलाइन गेटपास जारी होने के बाद मंडियों से लिफ्टिंग शुरू होने के बाद शुक्रवार सुबह राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन ने बैठक के बाद हड़ताल वापस ले ली है। राइस मिलर्स ने अनाज मंडियों में पहुंचकर नियमित खरीद शुरू कर दी है। शुक्रवार रात नौ बजे तक करीब छह लाख क्विंटल की खरीद की गई है। हालांकि अनाज मंडियां अभी भी धान से अटी हैं। इसका कारण जितनी लिफ्टिंग की गई है, उससे अधिक धान हर रोज मंडी में पहुंच भी रहा है।
वीरवार तक मंडी से बाहर जाने के गेटपास जारी नहीं होने की स्थिति में करनाल राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन ने एक होटल में बैठक करके मंडियों में जाकर धान खरीद न करने का निर्णय लिया था। जिससे धान की खरीद ठप पड़ गई है, हालांकि खरीद एजेंसियों ने ढेरियों की खरीद की थी। लेकिन डीएफएससी द्वारा राइस मिलों को धान आवंटित किया तो मंडी प्रशासन ने वीरवार की देर शाम तक ही ऑनलाइन गेटपास जारी कर गाड़ियों की निकासी शुरू करा दी। इसके बाद शुक्रवार को एक बार फिर राइस मिलर्स की प्रधान विनोद गोयल के प्रतिष्ठान पर बैठक हुई।
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जिसमें नीरज बत्रा, राजेंद्र रहेजा, रंजन आहूजा, इंद्रजीत गाबा, सौरभ गुप्ता, अनिल गुप्ता, अशोक गुप्ता आदि शामिल रहे। इसमें तय किया गया कि अब गेटपास की समस्या खत्म हो गई हैं, इसलिए हड़ताल को खत्म करके धान की खरीद शुरू की जाए। इसके बाद सभी राइस मिलर्स मंडियों में उतर गए और धान की खरीद शुरू कर दी। डीएफएससी अशोक रावत ने बताया कि रात नौ बजे तक जिलेभर की सभी अनाज मंडियों में खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने 370800, हैफेड ने 125870, वेयरहाउस ने 99780 क्विंटल सहित कुल 596450 क्विंटल धान खरीदा गया है। जिससे अब कुल खरीद 1573320 क्विंटल हो गई है।
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। नई अनाज मंडी में शक्रवार सुबह इंटरनेट बंद हो जाने कारण गेटपास की प्रक्रिया भी बंद हो गई। जिससे मंडी गेट से लेकर सर्विस लेन तक ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइन लग गई। जिससे सर्विस लेन पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिसका असर बस स्टैंड में आने वाली बसों पर पड़ा। बसों को डायवर्ट किया गया। बस स्टैंड के अंदर बसें न आने से सवारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह जाम खुलवाया।
नई अनाज मंडी में धान की आवक तेजी से हो रही है। किसान सुबह ही धान लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। शुक्रवार अलसुबह ही किसान धान की ट्रालियां लेकर मंडी गेट के सामने पहुंच गए लेकिन सुबह इंटरनेट बंद हो गया। जिससे गेट पास कटने बंद हो गए। इंटरनेट की समस्या करीब एक घंटे तक रही। जिससे ट्रैक्टर-ट्रालियों की संख्या बढ़ती चली गई। आलम यह हो गया कि दोनों सर्विस रोड पर ट्रालियों की लंबी लाइन लग गई और जाम की स्थिति बन गई। वाहनों ने रेलवे रोड अंडरपास के नीचे से विपरीत दिशा में चलना शुरू कर दिया। मंडी के पास ट्रालियों की लाइनें लगने से जाम में फंस गए। पुलिस मौके पर पहुंची तो मंडी अंडरपास के नजदीक सर्विस रोड पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रालियों को एक तरफ हटवाया और दूसरे वाहनों के आने जाने के लिए रास्ता खुलवाया।
राजीव को हटाया, योगेंद्र को लगाया
तरावड़ी। अनाज मंडी में नियमित खरीद शुरू नहीं होने, लिफ्टिंग नहीं हो पाने पर डीएफएससी ने मंडी में नियुक्त किए गए निरीक्षक राजीव लांग्यान को हटा दिया है। उनके स्थान पर योगेंद्र हुड्डा को लगाया गया है। बताया जा रहा है कि यह निर्णय धीमी खरीद को लेकर किया गया है।
भाजपा किसान मोर्चा ने धान बिकवाने में की मदद
करनाल। भाजपा किसान मोर्चा करनाल के जिलाध्यक्ष नरेंद्र गौरसी के नेतृत्व में शुक्रवार को पदाधिकारियों ने करनाल अनाज मंडी पहुंचकर धान बिकवाने में किसानों की मदद की।
जिलाध्यक्ष नरेंद्र गौरसी ने बताया कि किसानों ने नमी की बात बताई, कई और कमियां भी सामने आई। मंडी सचिव चंद्रप्रकाश ने मौके पर तीनों खरीद एजेंसियों के निरीक्षकों को बुलाकर कहा कि मिलर इस बात का ध्यान रखें नमी काटकर किसानों को उचित मूल्य मिले। 17 प्रतिशत नमी के धान का सरकार द्वारा निर्धारित रेट 1960 है। किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने किसानों के धान बिकवाने में मदद की। इसमें महामंत्री विनय संधू, जितेंद्र मान, अभय संधू, रिंकू सागवान, प्रवीण छोकर आदि शामिल रहे।
पट्टेदार किसानों को नहीं मिल पा रहे गेटपास, परेशानी
निसिंग। पट्टे पर जमीन लेकर धान की पैदावार करने वाले किसानों को गेटपास मिलने में परेशानी आ रही है। न तो उनकी शेड्यूलिंग हो पा रही है न ही उनका धान बिक पा रहा है।
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औंगद निवासी ईश्वर चंद ने बताया कि उसने मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण तो करवाया था, लेकिन अब फसल कट चुकी है। आढ़ती से संपर्क किया, उसने किसान को शेडयूल में नाम डालने के लिए मंडी बुलाया, लेकिन नाम दर्ज नही हुआ। वहीं 15 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों के भी गेटपास नहीं कट रहे। परेशान किसान ने मार्केट कमेटी में पहुंच समस्या का समाधान पूछ रहे हैं। कमेटी सचिव बलवान सिंह ने बताया कि कुछ किसानों के गेटपास नही कट रहे। उनका पंजीकरण सत्यापन के लिए भेजा गया है। सत्यापन होते ही पंजीकरण ऑनलाइन शो होने लगेगा और गेटपास काटा जा सकेगा।
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