करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा पहला राज्य है जहां खिलाड़ी को स्वर्ण पदक जीतने पर छह करोड़ रुपये दिए जाते हैं जोकि पूरे विश्व में सर्वाधिक है। प्रदेश का खिलाड़ी विश्व में अपनी पहचान बनाए, इसके लिए हरियाणा सरकार ने स्टेडियमों के प्रबंधन के लिए संरचनात्मक ढांचा तैयार किया है। देश में हरियाणा खेलों के हब के रूप में जाना जाता है। देश के कुल मेडल में से 60 प्रतिशत मेडल हरियाणा के खिलाड़ियों के होते हैं। देश की खेल तालिका में हरियाणा का अच्छा स्थान है। अब खेलो इंडिया की तैयारी के लिए प्रदेश में खिलाड़ियों की पौध तैयार की जा रही है। यह आने वाले खेलों में देश की मेडल तालिका में हरियाणा का गौरव बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री शनिवार देर सायं कर्ण स्टेडियम में खेलो हरियाणा प्रतियोगिता के दूसरे दिन खिलाड़ियों को आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में बैठकर मुक्केबाजी व फुटबॉल का मैच देखा और बॉक्सिंग के खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया में हरियाणा को मेजबानी का मौका मिल रहा है। यदि सब ठीक रहा तो फरवरी 2022 में खेलो इंडिया प्रतियोगिताएं पंचकूला में करवाई जाएंगी। इस प्रतियोगिता की तैयारी के लिए प्रदेश के छह जिलों में करीब 10 हजार खिलाड़ियों के लिए खेलो हरियाणा आयोजन किया जा रहा है। इन खेलों से खेलो इंडिया के लिए 18 वर्ष की आयु वर्ग के खिलाड़ी (लड़के व लड़कियों) को तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए स्टेडियमों में हर सुविधा प्रदान की जा रही है। जिस क्षेत्र में स्टेडियम की मांग की जाती है, उस क्षेत्र की मैपिंग करवाकर जरूरत के अनुसार खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। वहां की रुचि अनुसार खेल को बढ़ावा दिया जा रहा है। हर स्टेडियम सुविधाजनक हो इसके लिए कोच की व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।
सीएम ने कहा कि बहुत चिंता का विषय है कि अन्य देशों की अपेक्षा ओलंपिक खेलों में हमारा देश 48वें स्थान है। पंरतु विश्व में देश शीर्ष पर कैसे बढ़े, इसके लिए हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है। खिलाड़ी ही एक ऐसा व्यक्ति है जो अपने परिवार, गांव, राज्य व देश के सम्मान के लिए खेलता है। वे खुद ओलंपिक में मेडल प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों के गांव में जाकर उन्हें सम्मानित कर रहे हैं। मेडल प्राप्त खिलाड़ी के गांव में जिस प्रकार के विकास की जरूरत है उसको पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे पिछले दिनों रवि दहिया के गांव नाहरी में गए थे। वहां पर इंडोर बॉक्सिंग का स्टेडियम मंजूर किया गया है। वहीं सुमित के गांव कुराड़ में विकास कार्यों की घोषणा की। अब वे पांच सितंबर को बजरंग पुनिया के गांव खुंडन में जाएंगे। खिलाड़ियों के गांवों में जो जरूरत होगी उसे पूरा करेंगे, चाहे उन्हें 100 गांवों में ही क्यों न जाना पड़े।