करनाल। शहर के नागरिक अस्पताल में जनरल सर्जरी के लिए तीन महीने की प्रतीक्षा चल रही है। अस्पताल में जब मरीज सर्जरी कराने डॉक्टर के पास आता है तो उन्हें जनवरी 2022 तक का समय दिया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मजबूरन मरीज प्राइवेट अस्पताल की तरफ रुख कर रहे हैं या दूसरे जिले के सरकारी अस्पताल में जाकर ऑपरेशन कराने का प्रयास कर रहे हैं। जनरल सर्जरी में पथरी, पित्त, हॉर्निया, अपेंडिक्स सहित अन्य ऑपरेशन शामिल हैं।
अस्पताल में ऑपरेशन कराने पहुंची मरीज सीमा व बांसा निवासी सन्नी ने बताया कि वह नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन कराने आए थे लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उनका ऑपरेशन तीन महीने बाद होगा। तीन महीने तक वह बीमारी से कैसे लड़ें उनकी हालत खराब होती जा रही है। वहीं अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई, क्योंकि कोरोना काल में इलेक्टिव सर्जरी बंद थी। यही कारण है कि मरीजों की संख्या बढ़ी है और कुछ मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। संवाद
ऑपरेशन की टेबल कम, बढ़ाने की आवश्यकता
नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन टेबल दो ही हैं। एक टेबल पर आपातकालीन और गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन होते हैं। दूसरी मेज पर ईएनटी, हड्डी व जनरल सर्जरी होती है। इन सभी सर्जरियों के दिन निर्धारित हैं। जनरल सर्जरी के लिए मंगलवार और शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है इसी दिन जनरल सर्जरी होती है।
बेटी को नहीं मिल रहा बेड
अस्पताल में आए कैलाश ने बताया कि उसकी बेटी को दौरे पड़ते हैं। वह शुक्रवार को भी उसे अस्पताल में दाखिल कराने लाया था लेकिन यहां डॉक्टरों ने कहा कि बेड खाली नहीं हैं, इसलिए वह घर वापस चला गया था, आज फिर वह बेटी को लेकर आया है।
मरीजों की बढ़ने लगी संख्या
अस्पताल में इलाज कराने आए नंदलाल ने बताया कि सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इस कारण मरीजों का इलाज कराने के लिए पहले से ज्यादा समय लगता है। साथ ही अस्पताल में जो सुविधाएं हैं वह भी कम पड़ने लगी हैं। यही कारण है कि मरीजों को ऑपरेशन कराने के लिए लंबी तारीख दी जा रही है।
कोरोना की दूसरी लहर में दो महीने के लिए इलेक्टिव सर्जरी बंद थी। जब सर्जरी शुरू हो गई है तो मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। फिलहाल जनरल सर्जरी के लिए सप्ताह में दो दिन निर्धारित हैं। ऐसे में जनरल सर्जरी के दिन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि मरीजों का ऑपरेशन जल्द किया जा सके।
- डॉ. पीयूष शर्मा, पीएमओ जिला नागरिक अस्पताल, करनाल