माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश सरकार द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को बकाया राशि पर शत प्रतिशत ब्याज की छूट देने के बाद भी अपेक्षित वसूली शुरू नहीं हो सकी है। इस कारण अब नगर निगम बकायेदार संपत्तिधारकों पर सख्ती करने जा रहा है। इसी क्रम में तीन से दस लाख तक के 546 संपत्तिकर बकायेदारों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें बकाया संपत्तिकर भुगतान के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। बकाया राशि जमा नहीं करने पर निगम संपत्ति को सील करने की कार्रवाई करेगा।
नगर निगम करनाल का संपत्तिकर धारकों पर करीब 244 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 30 दिसंबर को बकाया राशि पर ब्याज में छूट का एलान किया था, जिस पर हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने संपूर्ण बकाया पर शतप्रतिशत ब्याज माफी का आदेश जारी कर दिया है। यह प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों के लिए बेहतर मौका साबित हो सकता है, क्योंकि जो कुल धनराशि 244 करोड़ रुपये बकाया बताई जा रही है, उसमें करीब 50 प्रतिशत राशि ब्याज की जुड़ी है। ऐसे में यदि बकाया जमा होता है, उसमें आधी छूट मिल सकती है लेकिन इसके बावजूद छूट का लाभ लेने के लिए बकायेदारों में अपेक्षित तेजी नहीं दिख रही है।
इसकी एक वजह यह भी बताई जा रही है कि छूट देने का आदेश 18 जनवरी की शाम को जारी हुआ। 19 व 20 जनवरी को लोगों को जानकारी मिल सकी। इसके बाद शनिवार व रविवार का अवकाश हो गया। लेकिन नगर निगम सोमवार से ही बकायेदारों पर सख्ती के मूड में है।
प्रॉपर्टी टैक्स अनुभाग के कर अधिकारी गगनदीप सिंह ने बताया कि तीन से दस लाख तक के बकायेदारों को 165 नोटिस तो पहले ही जारी किए जा चुके हैं। 546 नोटिस जारी करने का कार्य सोमवार से शुरू कर दिया गया है। नोटिस प्राप्ति के सात दिन का समय बकाया जमा करने के लिए दिया है। यदि बकायेदार तय समय में बकाया राशि का भुगतान नहीं करता है तो उसकी संपत्ति को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।