माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। निजी स्कूलों द्वारा नियम 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला न देने के मामले में टकराव बढ़ता जा रहा है। कई निजी स्कूलों ने अभी तक विद्यार्थियों को दाखिला देने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। जबकि दाखिला करने के लिए शेड्यूल के मुताबिक केवल दो दिन का ही समय बचा है। शिक्षा विभाग भी अब स्कूलों की आनाकानी पर सख्त हो गया है। विभाग ने स्कूलों से दो टूक कह दिया है कि जिन विद्यार्थियों को 134ए के तहत स्कूल आवंटित हुए हैं, उन्हें हर हाल में दाखिला देना होगा। निदेशालय की ओर से भी इस संदर्भ में पत्र जारी हो गया है।
बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने सहोदय स्कूल कांप्लेक्स और अन्य निजी स्कूल संचालकों की बैठक भी बुलाई। बैठक में दाखिला देने को लेकर और स्कूल संचालकों की मांगों पर काफी देर तक चर्चा हुई। स्कूल संचालकों ने कहा कि वे नियम के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन रुकी फीस का भुगतान भी समय पर हो। इन मांगों को लेकर आज निजी स्कूलों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा विभाग के निदेशक से पंचकूला में मिलेगा। उनका कहना है कि वहां सहमति बनने के बाद ही वे दाखिला प्रक्रिया शुरू करेंगे। इधर, दिनभर अभिभावक दाखिलों को लेकर अधिकारियों और स्कूलों के चक्कर काटते नजर आए। सभी छह खंडों के 361 स्कूलों में 2765 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हुए हैं।
नियमों का करना होगा पालन
जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने कहा कि स्कूल संचालक विभाग के नियमों से पीछा नहीं छुड़वा सकते। उन्हें हर हाल में बच्चों को दाखिला देना होगा। नियमों का पालन करना होगा। वे दाखिलों के लिए किसी भी बच्चे को मना नहीं कर सकते, क्योंकि सरकार के आदेश पर नियम के तहत ही दाखिले हो रहे हैं। निर्धारित दस्तावेजों के अलावा अन्य कागजात भी नहीं मांगे जा सकते।
पहली अप्रैल से प्रक्रिया की जाए शुरू : सहोदय
सहोदय स्कूल कांप्लेक्स के अध्यक्ष डॉ. राजन लांबा का कहना है कि उनके संगठन के प्रतिनिधि विभाग के निदेशक से मिलेंगे। इसके बाद ही दाखिलों की प्रक्रिया शुरू होगी। उनकी मांग है कि जिस स्कूल में बच्चा वर्तमान में पढ़ाई कर रहा है, उसे 134ए के तहत वही स्कूल आवंटित नहीं किया जाएगा। कई बच्चों ने गलती से अगली कक्षा में आवेदन किया है, इसलिए इस प्रक्रिया को यहीं रोककर अगले सत्र, पहली अप्रैल से अगली कक्षा में ही बच्चों को दाखिला दिया जाए।
विभाग ने ये निर्देश किए जारी
- 134ए पर कोई स्टे नहीं है, दाखिले के लिए निदेशालय की ओर से पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन हो।
- 134ए के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को अगले वर्ष किसी स्क्रीनिंग प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा, यह स्कूल की उच्चतम कक्षा के लिए मान्य होगा।
- 134ए के तहत कक्षा दूसरी से आठवीं तक के विद्यार्थी किसी भी प्रकार की फीस जैसे कैपिटेशन चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज, मैनटेनेंस फीस या एनुअल चार्ज नहीं ले सकते।
- केवल एनसीईआरटी या सीबीएसई की ओर से अनुमोदित पुस्तकें ही लगवाई जाएंगी।
- सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने खंड के नोडल अधिकारी होंगे। जो 134ए की सभी शिकायतें सुनने, प्रस्ताव भेजने और दाखिला प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।